दो साल में होगा नई बिल्डिंग का निर्माण
टेंडर के दस्तावेजों के मुताबिक, सात मंजिला कृषि भवन और शास्त्री भवन के विंग ए से जी तक को पूरी तरह तोड़ा जाएगा। इन भवनों में वर्तमान में कई केंद्रीय मंत्रालय संचालित हो रहे हैं, जिन्हें हाल ही में उद्घाटित कॉमन सेक्रेटेरिएट बिल्डिंग- 1, 2 और 3 में स्थानांतरित किया जा रहा है। इन नए भवनों को कर्तव्य भवन’ नाम दिया गया है।
सीसीएस बिल्डिंग-4 और 5 आठ-आठ मंजिला होंगी। इनका निर्माण पीईबी (प्री-इंजीनियर्ड बिल्डिंग) स्टील स्ट्रक्चर के रूप में किया जाएगा जिसमें बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर, सात ऊपरी मंजिलें और टेरेस शामिल होंगी। निर्माण की समय-सीमा दो वर्ष तय की गई है, जबकि परियोजना के तहत निर्माण के बाद पांच साल तक संचालन और रखरखाव (ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस) भी ठेके में शामिल रहेगा।
फिलहाल कृषि भवन में कृषि, ग्रामीण विकास और पंचायती राज जैसे मंत्रालय काम कर रहे हैं, जबकि शास्त्री भवन में सूचना एवं प्रसारण, शिक्षा, संस्कृति समेत कई विभाग संचालित हैं।
मध्य फरवरी तक कई मंत्रालय शिफ्ट हो जाएंगे
शास्त्री भवन में कार्यरत कई मंत्रालयों को नए कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट भवन, कर्तव्य भवन-2 में शिफ्ट किया जा रहा है। दक्षिण और उत्तर ब्लॉक में स्थित रक्षा मंत्रालय और सीबीआई के कार्यालय भी डॉ. राजेंद्र प्रसाद रोड मान सिंह रोड चौराहे पर बने नए भवन में स्थानांतरित होंगे। अधिकारियों के अनुसार, मंत्रालयों के प्रतिनिधि अपने नए कार्यालयों का निरीक्षण कर चुके हैं और बजट सत्र के अंतराल के दौरान, यानी फरवरी के मिड तक शिफ्टिंग पूरी होने की उम्मीद है।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को कम से कम 120 कमरे, संस्कृति मंत्रालय को 45 कमरे, विधि एवं न्याय मंत्रालय को 110 कमरे, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय को 30 कमरे, कृषि मंत्रालय को 12 कमरे, शिक्षा मंत्रालय को 50 से अधिक कमरे आवंटित किए गए हैं। वहीं रक्षा मंत्रालय को करीब 225 कमरे दिए गए हैं, जबकि ग्राउंड और प्रथम तल पर 12 कमरे सीबीआई के लिए आरक्षित हैं।














