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  • कौन से पावर बैंक लेकर हवाई जहाज में चढ़ सकते हैं? सरकार ने लगाया बैन, अपने काम की बात जान लें

    हवाई यात्रा करने वालों के लिए बड़ी खबर है। दरअसल अब फ्लाइट में पावर बैंक को चार्ज करना या फिर उसका इस्तेमाल करना पूरी तरह से बैन कर दिया गया है। दरअसल भारतीय विमानन नियामक DGCA ने यह कदम लिथियम बैटरी में आग लगने की कुछ घटनाओं के मध्य नजर उठाया है। गौरतलब है कि


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    By Azad Hind Desk जनवरी 4, 2026
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    हवाई यात्रा करने वालों के लिए बड़ी खबर है। दरअसल अब फ्लाइट में पावर बैंक को चार्ज करना या फिर उसका इस्तेमाल करना पूरी तरह से बैन कर दिया गया है। दरअसल भारतीय विमानन नियामक DGCA ने यह कदम लिथियम बैटरी में आग लगने की कुछ घटनाओं के मध्य नजर उठाया है। गौरतलब है कि अक्टूबर में दिल्ली एयरपोर्ट पर इंडिगो की फ्लाइट में एक यात्री के पावर बैंक में आग लग गई थी। हालांकि इस घटना में कोई चोटिल नहीं हुआ था लेकिन DGCA ने इसके बाद कुछ सख्त कदम उठाए हैं। चलिए डिटेल में समझते हैं कि पावर बैंक को लेकर आए नए नियम के मुताबिक आपकी हवाई यात्रा किस तरह से प्रभावित होगी।

    पावर बैंक के इस्तेमाल पर लगी पाबंदी

    DGCA ने फ्लाइट के दौरान पावर बैंक को चार्ज करने या फिर पावर बैंक से अपने फोन या लैपटॉप जैसे किसी डिवाइस को चार्ज करने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। नए नियमों के मुताबिक फ्लाइट के दौरान आप पावर बैंक को विमान की सीट में लगे पावर सॉकेट से भी नहीं जोड़ सकते। इसके अलावा पावर बैंक सिर्फ हैंड बैगेज में ही साथ ले जाए जा सकेंगे और इन्हें ओवरहेड बिन या चेक-इन बैगेज में रखना मना है। इसके अलावा हवाई यात्रा में अपने साथ सिर्फ 100 वाट-आवर से कम क्षमता वाले पावर बैंक के साथ ही यात्रा की जा सकेगी। कहने का मतलब है कि आप 27000mAh से ज्यादा बड़े पावरबैंक साथ लेकर फ्लाइट में नहीं जा सकते। साथ ही एयरलाइंस अब फ्लाइट में यह घोषणा करेंगी कि किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से गर्मी, धुआं या अजीब गंध आने पर कैबिन क्रू को सूचित करें।

    लिथियम बैटरी में क्या है समस्या?

    लिथियम बैटरी की एक बड़ी समस्या है कि अगर उसमे आग लग जाए, तो वह बहुत तेजी से फैलती है और डिवाइस को बम की तरह उड़ा भी सकती है। इसके अलावा ओवरचार्जिंग, पुरानी बैटरी, खराब मैन्युफैक्चरिंग या डिवाइस के गिरने से भी लिथियम बैटरी में आग लग सकती है। इसके अलावा लिथियम बैटरी में लगी आग को बुझाना भी काफी मुश्किल होता है क्योंकि यह खुद ही जलती रहती है। इसी वजह से अगर पावर बैंक ओवरहेड बिन या बैगेज में हो, तो उसे जल्दी ढूंढना मुश्किल हो जाता है। DGCA के अनुसार ऐसा होने पर आग का पता लगाने में देरी हो सकती है और साथ ही उसे बुझाने में हुई देरी से पूरी फ्लाइट खतरे में पड़ सकती है।

    पावर बैंक खरीदते समय बरतें ये सावधानियां

    DGCA के कड़े रुख के बाद हमारी भी जिम्मेदारी बनती है कि पावर बैंक खरीदते हुए कुछ बेसिक सावधानियों का ध्यान रखा जाए। सबसे पहले तो फ्लाइट में तय क्षमता से ज्यादा का पावर बैंक लेकर सफर न करें। इसके अलावा अगर पावरबैंक थोड़ा फी फूला हुआ है, तो उसे इस्तेमाल न करें और हवाई यात्रा में तो साथ बिलकुल न लेकर जाएं। गौर करें कि पावरबैंक ओवरहीट प्रोटेक्शन और ऑटो कट-ऑफ जैसे सेफ्टी फीचर्स के साथ आता हो। पावरबैंक अगर इस्तेमाल के दौरान गर्म हो जाता हो, तो उसका इस्तेमाल न करें और साथ लेकर बिलकुल भी यात्रा न करें। इस बात का भी ध्यान रखें कि पावरबैंक को यात्रा के दौरान पूरा चार्ज न रखें। इसके अलावा सस्ते और चीप पावर बैंक न खरीदें। हमेशा ब्रैंडेड और अच्छी क्वालिटी के पावर बैंक ही इस्तेमाल करें।

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