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  • क्या ईरान पर हमला करने वाला है अमेरिका, फिर इतनी सैन्य तैनाती क्यों? ट्रंप की धमकियों से युद्ध की आशंका

    तेहरान: अमेरिका और ईरान युद्ध के मुहाने पर खड़ें हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर अमेरिकी सेना किसी भी वक्त ईरान पर हमले को तैयार है। इस बीच ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि उन्हें इलाके में अमेरिकी सैन्य तैनाती से डर नहीं लगता है। इस बीच अमेरिका और ईरान ने


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    By Azad Hind Desk फरवरी 9, 2026
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    तेहरान: अमेरिका और ईरान युद्ध के मुहाने पर खड़ें हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर अमेरिकी सेना किसी भी वक्त ईरान पर हमले को तैयार है। इस बीच ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि उन्हें इलाके में अमेरिकी सैन्य तैनाती से डर नहीं लगता है। इस बीच अमेरिका और ईरान ने ओमान में परमाणु समझौते पर अलग-अलग बैठक भी की है। हालांकि, इसका कोई नतीजा नहीं निकल सका है। ऐसे में अंदेशा जताया जा रहा है कि क्या अमेरिका और ईरान में युद्ध हो सकता है और अगर ऐसा होता है तो मध्य पूर्व समेत पूरी दुनिया पर इसका क्या असर होगा।

    ईरान ने अमेरिकी सैन्य तैनाती पर क्या कहा

    ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने दो-टूक कहा है कि इनका देश अमेरिका के साथ बातचीत में कभी भी यूरेनियम संवर्धन नहीं छोड़ेगा। उन्होंने जोर देते हुए कहा है कि अमेरिका के साथ युद्ध की धमकी से ईरान डरने वाला नहीं है। उन्होंने कहा, “हम संवर्धन पर इतना जोर क्यों देते हैं और इसे छोड़ने से इनकार क्यों करते हैं, भले ही हम पर युद्ध थोपा जाए? क्योंकि किसी को भी हमारे व्यवहार को तय करने का अधिकार नहीं है।” उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका और ईरान में तनाव चरम पर है और अमेरिकी नौसेना का एक बड़ा आर्मडा अरब सागर में डेरा डाले हुए है।

    अरब सागर में अमेरिकी नौसेना ने डेरा डाला

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल में ईरान पर दबाव बढ़ा दिया है। उन्होंने ईरान में हुए विरोध प्रदर्शनों का समर्थन किया और कहा कि मदद आ रही है। इसके बाद उन्होंने धमकी दी कि एक विशाल अमेरिकी आर्मडा ईरान की ओर बढ़ रहा है। अमेरिकी नौसेना ने बताया है कि उसका एक कैरियर स्ट्राइक ग्रुप इन दिनों अरब सागर में मौजूद है और नौसैनिक अभ्यास कर रहा है। इस कैरियर स्ट्राइक ग्रुप का नेतृत्व यूएसएस अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत कर रहा है। ईरान ने फरवरी की शुरुआत में अब्राहम लिंकन के पास एक ड्रोन भेजने की कोशिश की थी, लेकिन अमेरिकी विमान ने उसे मार गिराया था।

    ईरान के पास अमेरिकी नौसेना की तैनाती कितनी है

    अमेरिका के कैरियर स्ट्राइक ग्रुप में सबसे शक्तिशाली युद्धपोत यूएसएस अब्राहम लिंकन है। यह अकेले ईरान की नौसेना और वायुसेना पर भारी पड़ सकता है। यूएसएस अब्राहम लिंकन पर F-35 लाइटनिंग II फाइटर जेट और बोइंग के F/A-18 सुपर हॉर्नेट फाइटर जेट तैनात हैं। ये दोनों लड़ाकू विमान कई तरह की मिसाइलें और बम से हमले कर सकते हैं। इसके अलावा यूएसएस अब्राहम लिंकन के साथ तीन विध्वंसक पोत भी हैं, जिनके नाम यूएसएस फ्रैंक ई पीटरसन जूनियर,यूएसएस स्प्रुआंस और यूएसएस माइकल मर्फी हैं। ये तीनों युद्धपोत कई तरह के हथियारों और रडार से लैस हैं।

    ईरान को हवाई ताकत दिखा रहा अमेरिका

    अमेरिका तनाव के बीच ईरान को अपनी हवाई ताकत भी दिखा रहा है। इसके लिए अमेरिकी वायुसेना ने 494वें एक्सपेडिशनरी फाइटर स्क्वाड्रन को लगभग एक दर्जन – F-15E स्ट्राइक ईगल लड़ाकू जेट के साथ जॉर्डन के मुवफ्फाक अल साल्टी एयर बेस पर तैनात किया है। F-15E एक दो सीटों वाला फाइटर जेट है जिसे गहरे हमलों के मिशन के लिए डिजाइन किया गया है। यह लड़ाकू विमान सटीक हमला करने वाले गाइडेड हथियार और बंकर बस्टर बम ले जा सकता है। अमेरिकी वायुसेना ने KC-135 स्ट्रैटोटैंकर की तैनाती भी बढ़ाई है, जो एक एरियल रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट है।

    कतर और ओमान में भी अमेरिकी सैन्य तैनाती बढ़ी

    सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि अमेरिका ने कतर के अल उदीद एयर बेस पर पैट्रियट मिसाइल इंटरसेप्टर सिस्टम तैनात किया है। यह अमेरिका का सबसे सफल और शक्तिशाली एयर डिफेंस सिस्टम है। अमेरिका को आशंक है कि युद्ध के हालात में ईरान सबसे पहले कतर में मौजूद इसी एयरबेस को अपना निशाना बनाएगा। इसके अलावा ऐसी भी रिपोर्ट है कि अमेरिका ने ओमान के दुक्म हवाई अड्डे पर तीन ऑस्प्रे विमानों को तैनात किया है। V-22 ऑस्प्रे एक जॉइंट सर्विस टिल्ट्रोटर है, जिसमें हेलीकॉप्टर और ट्रांसपोर्ट विमान दोनों के गुण मौजूद हैं। जनवरी के मध्य में, यूनाइटेड किंगडम ने भी अपने टाइफून लड़ाकू जेट को कतर में तैनात किया था।

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