हालांकि डोमेस्टिक ट्रेवल इंश्योरेंस अनिवार्य नहीं है लेकिन ज्यादातर इंटरनेशनल डेस्टिनेशंस के लिए ट्रेवलर्स के पास वेलिड इंश्योरेंस होना जरूरी है। इसलिए विदेश जाने वाले ज्यादातर लोगों के पास इंश्योरेंस होता है। लेकिन आप क्लेम कर सकते हैं या नहीं, यह दो चीजों पर निर्भर करता है। पहला है फ्लाइट बाधित होने का कारण और दूसरी पॉलिसी खरीदने का समय।
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क्या है शर्त?
Probus में हेल्थ एंड लाइफ इंश्योरेंस की हेड सरिता जोशी ने कहा, ‘अधिकांश स्टैंडर्ड ट्रेवल इंश्योरेंस पॉलिसीज में कवरेज फ्लाइट बाधित होने के कारण पर निर्भर करता है। अगर कोई यात्री अचानक एयरस्पेस बंद होने के कारण दुबई, ईरान, कतर या पश्चिम एशिया के दूसरे देशों में फंसा है तो ट्रिप डिले, ट्रिप इंटररप्शन या मिस्ड कनेक्शन बेनेफिट्स के तहत क्लेम स्वीकार किया जा सकता है। लेकिन इसमें शर्त यह है कि पॉलिसी इवेंट से पहले खरीदी होनी चाहिए।’
उन्होंने कहा कि अगर फ्लाइट बाधित होने का कारण सीधे तौर पर युद्ध की घोषणा से जुड़ा है या पॉलिसी के वॉर एक्सक्लूजन क्लॉज के तहत आता है तो एक्सटेंडेड होटल स्टे या रीबुकिंग कॉस्ट कवर नहीं हो सकती है। कुछ इंश्योरर्स कुछ स्पेसिफिक एक्सटेंशन के तहत सीमित राहत दे सकते हैं। लेकिन यह इंश्योरर और प्रोडक्ट डिजाइन पर निर्भर करता है। इसलिए इंश्योरेंस खरीदने का समय और पॉलिसी की वर्डिंग बहुत अहम है।
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क्या नहीं होता है कवर?
Staywell.Health के को-फाउंडर अरुण राममूर्ति ने कहा कि अगर सिविल वार, सिविल अनरेस्ट और सशस्त्र संघर्ष के कारण ऑपरेशनल बाधा आती है तो यह ट्रेवल इंश्योरेंस बेनिफिट्स के तहत कवर नहीं होता है। पश्चिम एशिया में फंसे भारतीय यात्रियों को लाने के लिए एयर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट स्पेशल फ्लाइट्स ऑपरेट कर रही हैं।












