फिल्म ‘गांधी टॉक्स’ को 27 फरवरी से ही प्राइम वीडियो पर उतार दिया गया है। हालांकि ये रेंट पर उपलब्ध है, इसलिए इसे देखने के लिए सब्सक्रिप्शन से अतिरिक्त रुपये देने होंगे। हालांकि उम्मीद ये भी जताई जा रही है कि दो हफ्ते बाद ये रेगुलर स्ट्रीमिंग कैटलॉग में शामिल हो जाएगी, जिससे बिना ज्यादा चार्ज दिए इसे सब्सक्राइबर्स देख सकेंगे।
‘गांधी टॉक्स’ की कहानी
फिल्म की कहानी की बात करें तो इसमें दिखाया गया है कि पैसा कैसे ह्यूमन बिहेवियर को इन्फ्लुएंस करता है। इसमें एक अमीर बिजनेसमैन है, जिसकी लाइफ भ्रष्टाचार और पर्सनल दिक्कतों के कारण बिखरने लगती है। इनके अलावा, दो और व्यक्ति हैं, जिसमें से एक बेरोजगार है और दूसरा छोटा-मोटा जेबकतरा, जिनसे उस अमीर इंसान की मुलाकात होती है। उस दौरान क्या कुछ घटता है, उस पर ही फिल्म केंद्रित है।
‘गांधी टॉक्स’ फिल्म का उद्देश्य
डायरेक्टर ने इस फिल्म को साइलेंट रखा है। बिना डायलॉग के ये मूवी बहुत कुछ कहती है। म्यूजिक के जरिए हर सीन और भाव को व्यक्त किया जाता है। इसमें ये भी दिखाया गया है कि वो नोट, जिस पर महात्मा गांधी की फोटो छपी है, वो इंसान को उम्मीद भी देती है और भ्रष्टाचार का भी प्रतीक हो सकती है। साथ ही सवाल उठाती है कि जब इंसान लाचार होता है, लालच में घिरा होता है या फिर जीने-मरने जैसी स्थिति होती है, तो उसमें वह किस हद तक जाने के लिए तैयार होता है।
‘गांधी टॉक्स’ का रन टाइम
इस फिल्म का म्यूजिक एआर रहमान ने दिया है। सिनेमैटोग्राफी करण बी रावत ने सम्भाली और एडिटिंग आशीष म्हात्रे ने की। इस फिल्म का रन टाइम 2 घंटे 13 मिनट है और सेंसर बोर्ड से इसे U/A सर्टिफिकेट मिला है।













