परमाणु बम को बताया हराम
इलाही ने कहा कि ईरान की परमाणु सुविधाओं की बहुत ज्यादा निगरानी की जाती है। वहीं, कुछ दूसरे देशों को ऐसी किसी जांच का सामना नहीं करना पड़ता है। परमाणु बम पर उन्होंने कहा कि ईरान कभी भी न्यूक्लियर हथियार नहीं चाहता था क्योंकि यह हराम है। ईरान सामाजिक और मानवीय कामों के लिए शांतिपूर्ण न्यूक्लियर शक्ति चाहता है। इलाही का संकेत सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के फतवे की तरफ था, जिसमें उन्होंने परमाणु बम को हराम बताते हुए इसके निर्माण पर रोक लगा रखी है।
ईरान के खिलाफ दोहरे मापदंड का आरोप
उन्होंने आगे कहा कि बदकिस्मती से दोहरा मापदंड हैं। कुछ अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने ईरान पर बहुत सारे प्रतिबंध लगाए और वे ईरान की न्यूक्लियर पावर पर बहुत ज्यादा निगरानी रखते हैं, लेकिन कुछ दूसरे देशों के पास यह है और वे इसका इस्तेमाल करते हैं और उनके बारे में कुछ नहीं कहते। पिछले साल अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर परमाणु बम के विकास का आरोप लगाते हुए ईरानी परमाणु ठिकानों पर हमला किया था।














