‘समय पर चीजें लागू हों, तो फायदा’
बजट 2026 पर लावा इंटरनेशनल लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और चीफ मैन्युफैक्चरिंग ऑफिसर, संजीव अग्रवाल ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (ECMS) का दायरा बढ़ाकर 40 हजार करोड़ करना भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम (सामान बनाने के पूरे सिस्टम) को मजबूत करने की दिशा में एक अच्छा कदम है। यह फायदा तभी मिलेगा जब जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर (बुनियादी सुविधाएं) तैयार हों और इसे समय पर और लागू किया जाए। तभी इस पॉलिसी का मकसद पूरा हो पाएगा।
‘सबको साथ लेकर चलने वाला बजट’
बजट 2026 पर भारती एंटरप्राइजेज के सुनील भारती मित्तल ने कहा कि यह एक साहसिक बजट है, जो सबकाे साथ लेकर चलता है। स्किलिंग (हुनर सिखाने) पर जोर देना, साइंस, इनोवेशन (नई खोज) और रिसर्च में लगातार निवेश करना जैसे काम समय पर हुए हैं। इससे हमारी घरेलू क्षमताएं मजबूत होंगी और जरूरी क्षेत्रों में इंपोर्ट सब्स्टीट्यूशन (बाहर से सामान मंगाने की जगह देश में ही बनाना) को बढ़ावा मिलेगा।
‘सप्लाई चेन होगी मजबूत’
बजट 2026 पर एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया लिमिटेड के को-सीएसएमओ, संजय चितकारा ने कहा कि यह बजट भारत की ग्लोबल हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की महत्वाकांक्षा को मजबूत करता है। ड्यूटी में छूट, MSME (छोटे और मध्यम उद्योगों) के लिए फंडिंग और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे कदम सप्लाई चेन को मजबूत करेंगे और इंडस्ट्री की कॉम्पिटिटिवनेस बढ़ाएंगे।
‘स्मार्टफोन इंडस्ट्री को फायदा’
बजट पर टेक्नो इंडिया के सीईओ, अरिजीत तालापात्रा ने कहा कि देश अपनी सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षमताओं को बढ़ा रहा है। इससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर खुलेंगे। सेमीकंडक्टर, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और मजबूत सप्लाई चेन पर फोकस करने से स्मार्टफोन इंस्डट्री को भी फायदा होगा। सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, अफॉर्डेबल इनोवेश को लंबे समय तक संभव बनाएगा।
‘घोषणा से ज्यादा उन्हें लागू करने पर हो ध्यान’
बजट पर SPPL के सीईओ, अवनीत सिंह मारवाह ने कहा कि भारत को दुनिया से मुकाबला करना है तो हमारा ध्यान घोषणाओं से हटकर उन्हें लागू करने पर जाना चाहिए। डिजाइन-लिंक्ड इंसेंटिव्स, कंपोनेंट लोकलाइजेशन जैसी चीजें वैल्यू चेन को आगे ले जाने के लिए अहम हैं।













