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  • चिकन नेक पर बढ़ेगी भारत की टेंशन, बांग्लादेश में तीस्ता प्रोजेक्ट पर चीन का बड़ा ऐलान, तारिक रहमान के मंत्री से मिले चीनी दूत

    ढाका: बांग्लादेश में नई सरकार बनते ही चीन की अपना दखल बढ़ाने की कोशिश शुरू हो गई हैं। ढाका में चीनी राजदूत याओ वेन ने नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान और उनकी बांग्लादेश फर्स्ट पॉलिसी को बीजिंग के समर्थन का ऐलान किया है। याओ वेन ने बांग्लादेशी विदेश मंत्री खलीलुर्रहमान से मुलाकात करते हुए दोनों देशों


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    By Azad Hind Desk फरवरी 23, 2026
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    ढाका: बांग्लादेश में नई सरकार बनते ही चीन की अपना दखल बढ़ाने की कोशिश शुरू हो गई हैं। ढाका में चीनी राजदूत याओ वेन ने नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान और उनकी बांग्लादेश फर्स्ट पॉलिसी को बीजिंग के समर्थन का ऐलान किया है। याओ वेन ने बांग्लादेशी विदेश मंत्री खलीलुर्रहमान से मुलाकात करते हुए दोनों देशों के रिश्ते बेहतर करने पर चर्चा की है। इस दौरान जिन मुद्दों पर बात हुई, उनमें भारत के लिहाज के संवेदनशील तीस्ता नदी कॉम्प्रिहेंसिव मैनेजमेंट और रेस्टोरेशन प्रोजेक्ट शामिल है।

    बांग्लादेश में चीन के राजदूत याओ वेन ने रविवार को खलीलुर्रहमान से मुलाकात के बाद कहा कि ढाका और बीजिंग तीस्ता नदी प्रोजेक्ट पर लंबे समय से बात कर रहे हैं। यह इंतजार खत्म होने जा रहा है, अब जल्दी ही इस पर काम शुरू होगा। उन्होंने कहा कि नए विदेश मंत्री रहमान के साथ चीन-बांग्लादेश सहयोग बढ़ाने, रोहिंग्या समस्या और दूसरे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई है।

    तीस्ता पर चीन को मिलेगी तरजीह

    तीस्ता नदी परियोजना को लेकर भारत और चीन के बीच एक प्रतिद्वंद्विता देखी गई है। इस प्रोजेक्ट में शेख हसीना ने भारत को तरजीह देने की बात कही थी। शेख हसीना सरकार गिरने के बाद मोहम्मद यूनुस ने भारत की जगह चीन को पसंद बनाया। तारिक रहमान की सरकार भी इस मुद्दे पर चीन को तरजीह देती नजर आ रही है।

    तीस्ता नदी व्यापक प्रबंधन प्रोजेक्ट में मोहम्मद यूनुस ने बीते साल चीन की एंट्री का रास्ता खोला था। भारत के लिए तीस्ता परियोजना में चीन की भागीदारी चिंताजनक है क्योंकि नदी की सिलीगुड़ी कॉरिडोर से निकटता चीन को रणनीतिक लाभ देती है। ऐसे में चीन को कोशिश है कि यह प्रोजेक्ट उसके हाथ से ना जाए।

    भारत के लिए क्यों बढ़ेगी चिंता

    बांग्लादेश में तीस्ता प्रोजेक्ट पर चीनी राजदूत का बयान भारत के लिए चिंता का सबब है। चीन की कोशिश ढाका में प्रभाव बढ़ाने और भारत की भूमिका कम करने की है। चीन का ढाका में प्रभाव भारत के लिए रणनीतिक चुनौती पेश करता है। खासतौर से रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण चिकन नेक (सिलीगुडी कॉरिडोर) के पास तीस्ता परियोजना में चीन की भागीदारी भारत की चिंता बढ़ाती है।

    चीन ने तीस्ता परियोजना के लिए बांग्लादेश को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। चीन के राजदूत याओ वेन ने इस पर कहा है कि तीस्ता नदी जल प्रबंधन परियोजना को तुरंत लागू किया जाना चाहिए। चीन ने यूनुस की सरकार के समय में ही इस योजना को लेकर कई शुरुआती समझौते भी साइन कर लिए हैं।

    बांग्लादेश में चीनी एम्बेसडर याओ वेन ने कहा है कि उनका देश प्रधानमंत्री तारिक रहमान के साथ मिलकर दोनों देशों की दोस्ती आगे बढ़ाने, सभी सेक्टर में हाई-क्वालिटी बेल्ट एंड रोड सहयोग और चीन-बांग्लादेश कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रेटेजिक कोऑपरेटिव पार्टनरशिप को एक नए लेवल पर ले जाने के लिए तैयार हैं।

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