रक्षा मंत्रालय ने जांच की घोषणा करते हुए कोई खास डिटेल नहीं दी, लेकिन उसी सुबह चीनी शीर्ष अधिकारियों की ब्रीफिंग के बारे में जानकारी रखने वाले लोगों ने वॉल स्ट्रीट जनरल को बताया कि यूक्सिया पर चीन के परमाणु हथियारों के बारे में अहम तकनीकी जानकारी वॉशिंगटन के साथ शेयर करने का आरोप है।
कौन हैं जनरल झांग यूक्सिया?
75 साल के झांग यूक्सिया चीन की सेना में बहुत ताकतवर हैसियत रखते हैं। वे देश के शक्तिशाली सेंट्रल मिलिट्री कमीशन को दो वाइस चेयरमैन में सीनयर पद पर हैं। सेंट्रल मिलिटी कमीशन चीन की सेना के बारे में फैसले लेने वाली कम्युनिस्ट पार्टी की सुप्रीम बॉडी है। चीन के राष्ट्रपति इसके चेयरमैन होते हैं। सूत्रों के अनुसार, यूक्सिया के खिलाफ सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के अंदर अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश करने और संगठन में फूट डालने के आरोपों की भी जांच की जा रही है।
जॉइट स्टाफ डिपार्टमेंट के चीफ पर भी जांच
चीन का परमाणु कार्यक्रम चलाने वाली सरकारी कंपनी चाइना नेशनल न्यूक्लियर कॉर्प के पूर्व जनरल मैनेजर ने टॉप जनरल गू जून के खिलाफ कुछ सबूत दिए हैं। गू के खिलाफ भी कम्युनिस्ट पार्टी के खिलाफ अपराधों के लिए जांच चल रही है। रक्षा मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि कमीशन के एक और सदस्य लियू जेनली को भी जांच को भी जांच के दायरे में रखा गया है। लियू कमीशन के जॉइंट स्टाफ डिपार्टमेंट के चीफ ऑफ स्टाफ हैं।
शी बना रहे वफादारों की फौज
वॉशिंगटन में चीनी दूतावास के एक प्रवक्ता ने वॉल स्ट्रीट जर्नल को बताया कि यह जांच दिखाती है कि पार्टी का नेतृत्व का भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए पूरी तरह से जीरो-टॉलरेंस वाला रवैया है। विश्लेषकों का मानना है कि यूक्सिया के खिलाफ कार्रवाई सेंट्रल मिलिट्री कमीशन में राष्ट्रपति शी जिनपिंग के प्रति वफादारी पक्की करने के लिए की गई है। इसके साथ ही बड़े भ्रष्टाचार विरोधी अभियान का हिस्सा है। इसके तहत 2012 में शी के सत्ता में आने के बाद से 200000 से ज्यादा अधिकारियों को सजा दी गई है।













