दरअसल, थलपति विजय एक्टर के साथ एक राजनेता भी हैं। वह बुधवार, 4 मार्च को अपने पॉलिटिकल कैम्पेन के तहत सपोर्टर्स की एक सभा को सम्बोधित करने तमिलनाडु के तंजावुर पहुंचे थे। यहां उन्होंने अपनी आखिरी फिल्म ‘जन नायकन’ की रिलीज में हो रही देरी के बारे में खुलकर बात की।
‘जन नायकन’ पर बोले थलपति विजय
न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, एक्टर ने कहा, ‘सुनिया मैं क्या कह रहा हूं, अगली सरकार TVK सरकार होगी। मछुआरे अपनी उम्मीद बरकरार रखें। आपकी हर तरह से सुरक्षा की जाएगी। जन नायकन की रिलीज के दौरान, कई लोगों ने सपोर्ट में अपनी आवाज उठाई थी। यहां तक कि मुख्यमंत्री ने भी सपोर्ट किया था। मैं इसके लिए उनका शुक्रिया अदा करता हूं। मुख्यमंत्रीजी आप मुझे चुप करा सकते हैं लेकिन आप हर घर के विजय को चुप नहीं करा सकते। उन लोगों ने अपनी मुहिम पहले से ही शुरू कर दी है।’
‘जन नायकन’ के बारे में CM एमके स्टालिन
मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने एक्स हैंडल पर फिल्म के सपोर्ट में लिखा था, ‘ईडी, सीबीआई और इनकम टैक्स की तरह, CBFC भी केंद्र के हाथों की कठपुतली बन गई है। उसे नचाया जा रहा है।’
30 अप्रैल तक नहीं रिलीज होगी ‘जन नायकन’
बता दें कि ‘जन नायकन’ की रिलीज में देरी के बीच, कनाडा के डिस्ट्रीब्यूटर यॉर्क सिनेमाज ने अपने सोशल मीडिया पर घोषणा की थी कि फिल्म अप्रैल, 2026 से पहले थिएटर्स में रिलीज नहीं होगी। 14 फरवरी को आए बयान के मुताबिक, फिल्म 30 अप्रैल से पहले रिलीज नहीं हो पाएगी। लोगों से कहा था कि अगर उनके टिकट का रिफंड नहीं मिला है तो वह थिएटर्स से संपर्क करें।
चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं थलपति विजय
मेकर्स ने मद्रास हाईकोर्ट से सेंसर बोर्ड के खिलाफ किया गया केस वापस ले लिया है लेकिन अभी तक बोर्ड की तरफ से सर्टिफिकेट नहीं मिला है। तमिलनाडु में मार्च-अप्रैल के बीच विधानसभा चुनाव भी होने हैं, जिस कारण इस मूवी का आना मुश्किल ही है। एक्टर भी TVK के साथ चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं।
‘जन नायकन’ पर विवाद क्यों?
फिल्म को लेकर विवाद दिसंबर, 2025 से शुरू हुआ था, जब मेकर्स ने सेंसर बोर्ड में सर्टिफिकेट के लिए फिल्म को सब्मिट किया था। बोर्ड ने 16 कट्स लगाकर कुछ बदलाव करने को कहा था। जिसके बाद मेकर्स ने वैसा किया और फिल्म को दोबारा CBFC के पास भेजा। जिनके अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें शिकायत मिली है कि फिल्म के कुछ सीन धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले हैं। इसी पर सर्टिफिकेट रोक दिया गया और मामला कोर्ट पहुंच गया।












