CBFC की तरफ से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एआरएल सुंदरेशन ने कोर्ट में सिनेमैटोग्राफ एक्ट के प्रावधानों से जुड़े तथ्य पेश किए। उन्होंने चीफ जस्टिस के सामने दोहराया कि ‘जन नायकन’ को रिवाइजिंग कमेटी के पास भेजने के बारे में जानकारी 6 जनवरी को प्रोड्यूसर्स को भेजी गई थी। हालांकि, पहले यह बताया गया था कि बोर्ड ने फैसला ले लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले HC केस में, जिसकी सुनवाई एक सिंगल जज ने की थी, मामले को 7 जनवरी के लिए पोस्ट किए जाने से पहले, जवाब दाखिल करने का समय नहीं दिया था।
ASG ने कहा- फिल्म में 14 कट लगाना बोर्ड का शुरुआती कदम, अंतिम नहीं
चीफ जस्टिस ने सुनवाई करते हुए बोर्ड से पूछा कि फिल्म को रिवाइजिंग कमेटी के पास क्यों भेजा गया? इसकी जानकारी चेन्नई के रीजनल ऑफिस से भेजी गई थी या मुंबई के बोर्ड से। इस पर अदालत को बताया गया कि यह बाद वाला था। ASG ने तर्क दिया कि फिल्म में 14 कट लगाने की सिफारिश, एग्जामिनिंग कमेटी का एक ‘शुरुआती कदम’ था, न कि अंतिम फैसला। उन्होंने कहा कि बोर्ड के चेयरपर्सन ने अभी तक फिल्म पर कोई फैसला नहीं लिया है।
सेंसर सर्टिफिकेट से पहले रिलीज डेट की घोषणा पर भी उठे सवाल
ASG ने मेकर्स के इस दावे पर भी सवाल उठाया कि उन्होंने ‘जन नायकन’ में ₹500 करोड़ का निवेश किया है। उन्होंने सेंसर से रिलीज सर्टिफिकेट जारी होन से पहले ही सिनेमाघरों में रिलीज की तारीख के ऐलान के फैसले पर भी सवाल उठाए। ASG ने अपनी बात खत्म करते हुए कहा कि पहले HC केस में CBFC को अपना जवाब दाखिल करने का समय कभी नहीं दिया गया। 6 जनवरी को भेजी गई जानकारी को कोर्ट में कभी चुनौती नहीं दी गई।
दोपहर बाद KVN प्रोडक्शंस की दलील पर सुनवाई
अब दोपहर में लंच के बाद कोर्ट KVN प्रोडक्शंस की तरफ की दलील सुनेगा। इसके बाद ही यह तय होगा की हाई कोर्ट ‘जन नायकन’ की रिलीज पर फैसला मंगलवार को सुनाते हैं, या फिर इसे अगली तारीख के लिए पोस्ट करते हैं। इससे पहले मेकर्स ने सुप्रीम कोर्ट में हाई कोर्ट की इसी डिविजन बेंच के खिलाफ अर्जी दी थी। उसमें बेंच की ओर से फिल्म की रिलीज पर अंतरिम रोक को चुनौती दी गई थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए मेकर्स को हाई कोर्ट से ही फैसला लेने के लिए कहा था।
‘जन नायकन’ के खिलाफ शिकायत के बाद रिलीज पर लगी रोक
‘जन नायकन’ थलपति विजय की आखिरी फिल्म बताई जा रही है। इसके बाद वह अपनी TVK पार्टी के साथ राजनीति में फुट टाइम समय देने वाले हैं। ‘जन नायकन’ पहले 9 जनवरी को ही रिलीज होने वाली थी। लेकिन उससे ठीक पहले इस पर रोक लगा दी गई। सेंसर बोर्ड ने शुरुआत में रिव्यू करने के बाद कुछ 16 कट्स सुझाते हुए U/A सर्टिफिकेट देने की हामी भरी थी। लेकिन फिर बोर्ड के चेयरपर्सन ने एक शिकायत मिलने की बात कहते हुए इस पर रोक लगा दी। यह शिकायत रिव्यू कमिटी के ही एक सदस्य ने दी है। इसमें कहा गया है कि फिल्म में कुछ सीन्स ऐसे हैं, जो सेना की छवि को गलत तरीके से पेश करते हैं और इससे भावनाएं आहत हो सकती हैं।














