कांग्रेस का जाति जनगणना पर सवाल
जयराम रमेश ने एक्स पर 33 सवालों वाले केंद्र सरकार का नोटिफिकेशन शेयर करते हुए लिखा है, ‘ जनगणना 2027 का फेज-1, अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच होने वाला है। यह हाउस-लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना होगी….।’ उन्होंने आगे लिखा है कि फेज-2 या जनसंख्या गणना देश के बाकी हिस्सों में 2027 के फरवरी में होने वाली है। पार्टी का आरोप है कि सरकार ने जो सवाल पूछे हैं, उससे उसके इरादे पर सवाल उठते हैं।
12 नंबर प्रश्न को लेकर जताया संदेह
उन्होंने कांग्रेस के दबाव में मोदी सरकार की ओर से जाति जगणना की घोषणा का दावा करते हुए कहा है कि ‘…प्रश्न 12 में यह पूछा गया है कि क्या परिवार का मुखिया अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य श्रेणी से संबंधित है…जबकि, ओबीसी और सामान्य श्रेणी के बारे में स्पष्ट रूप से नहीं पूछा गया है। ऐसे में जब जाति गणना को जनगणना 2027 का हिस्सा बनाया जाना है,तब प्रश्न 12 मोदी सरकार की वास्तविक मंशा और एक व्यापक,निष्पक्ष, देशव्यापी जाति जनगणना के प्रति उसकी प्रतिबद्धता पर गंभीर सवाल खड़े करता है…।’
कांग्रेस ने तत्काल संवाद की मांग शुरू की
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव जाति जनगणना को लेकर यह सवाल पहले ही उठा चुके हैं। अब कांग्रेस का कहना है कि ‘…कांग्रेस मोदी सरकार से मांग करती है कि जाति गणना की प्रक्रिया के विवरण को अंतिम रूप देने से पहले राजनीतिक दलों, राज्य सरकारों और नागरिक संगठनों के साथ तत्काल संवाद शुरू किया जाए।’
कांग्रेस ने तेलंगाना की प्रक्रिया को कहा बेहतर
कांग्रेस का दावा है कि तेलंगाना (तेलंगाना जाति सर्वे) में उसकी सरकार ने जो इससे जुड़ा सर्वे करवाया है, वही सबसे व्यापक और उचित तरीका है, जो की सामाजिक न्याय सुनिश्चित किए जाने के लिए बहुत ज्यादा जरूरी है। कांग्रेस का आरोप है कि पहले तो मोदी सरकार जाति जनगणना के लिए तैयार नहीं थी। फिर अचानक उसके दबाव में तैयार हुई और फिर इसे फेज-2 में करवाने की बात कही गई। लेकिन, अब उसके लिए जो नोटिफिकेशन जारी किया गया है, वह जाति गणना के प्रश्न पर स्पष्ट नहीं है।














