जाह्नवी कंडुला को अधिकारी केविन डेव की कार ने टक्कर मारी थी। केविन ड्रग ओवरडोज कॉल पर जा रहे थे और उनकी गाड़ी की रफ्तार करीब 119 किमी/घंटा थी, जबकि उस इलाके में स्पीड लिमिट करीब 40 किमी/घंटा थी। इस मामले में जाह्नवी के परिवार ने मुकदमा दायर किया था। इस केस में अब कानूनी समझौता हो गया है। शहर प्रशासन पीड़ित परिवार को 262 करोड़ रुपए का मुआवजा देगा।
वकील ने की समझौते की घोषणा
समझौते की घोषणा करते हुए वकील एरिका इवांस ने कहा कि कंडुला की मौत दिल तोड़ने वाली थी। उनके परिजनों और दोस्तों के नुकसान की भरपाई नहीं की जा सकती है लेकिन फाइनेंशियल एग्रीमेंट से उनके परिवार को कुछ हद तक राहत मिलेगी। कंडुला नॉर्थईस्टर्न यूनिवर्सिटी के सिएटल कैंपस में इन्फॉर्मेशन सिस्टम में मास्टर डिग्री कर रही थीं। उनकी मौत से भारत और अमेरिका में गुस्सा देखा गया था।
फरवरी 2024 में प्रॉसिक्यूटर के ऑफिस ने डेव के खिलाफ फेलनी चार्ज फाइल करने से मना कर दिया था। उन्होंने कहा था क्रिमिनल कंडक्ट को बिना किसी शक के साबित करने के लिए काफी सबूत नहीं थे। बाद में उन पर सेकंड-डिग्री लापरवाही से गाड़ी चलाने का आरोप लगाया गया। उन पर 5,000 डॉलर का फाइन लगा और पुलिस डिपार्टमेंट ने उन्हें नौकरी से निकाल दिया। अब इस मामले पर समझौता हुआ है।













