योनहाप न्यूज एजेंसी के अनुसार, वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया के सेंट्रल कमेटी की वाइस डिपार्टमेंट डायरेक्टर किम यो-जोंग ने कहा, ‘आरओके (दक्षिण कोरिया) की सेना ने बुद्धिमानी से यह घोषणा की है कि यह उनकी तरफ से नहीं किया गया और उनका कोई उकसाने का इरादा नहीं है। इसके बावजूद ड्रोन के मामले पर विस्तृत जानकारी दी जानी चाहिए, चाहे वह सैन्य हो या नागरिक ड्रोन हो।
किम ने दी चेतावनी
यो जोंग का बयान उत्तर कोरिया की न्यूज एजेंसी केसीएनए ने जारी किया है। किम ने कहा कि आरओके के ड्रोन ने हमारे देश के एयरस्पेस का उल्लंघन किया है। अगर आरओके भविष्य में फिर से हमारे खिलाफ उकसावे की कार्रवाई करेगा, तो उसे भयानक परिणाम भुगतने होंगे। उत्तर कोरिया का दावा है कि ड्रोन से बरामद वीडियो में यूरेनियम खदान, कैसोंग में बंद अंतर-कोरियाई औद्योगिक परिसर और उत्तर कोरियाई सीमा चौकियों की छवियां थीं।
किम ने यह भी चेतावनी दी कि अगर वे इसे किसी सिविलियन संगठन का काम बताते हैं। फिर यह थ्योरी देने की कोशिश करते हैं कि यह संप्रभुता का उल्लंघन नहीं है तो वे उत्तर कोरिया के सिविलियन संगठन की ओर से भेजे गए भारी तादाद में यूएवी देखेंगे। यानी उत्तर कोरिया की ओर से भी हमला होगा।
दक्षिण कोरिया ने क्या कहा है
दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय ने इन आरोपों से इनकार किया है। मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि ड्रोन उनके सैन्य मॉडल का नहीं है। फिलहाल जांच चल रही है कि क्या कोई निजी संस्था इसमें शामिल थी। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने जांच के आदेश दिए हैं। इसके बावजूद यह घटना दोनों देशों के बीच तनाव को बढ़ा रही है।
दक्षिण कोरिया में कंगनम्ह विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट फॉर फार ईस्टर्न स्टडीज के प्रोफेसर लिम ईउल-चुल ने किम के बयान को पुराने ढर्रे से अलग ना होने का संकेत माना है। उनके मुताबिक, वे जताना चाहती हैं कि उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच कुछ भी बदलेगा नहीं, दुश्मनी जैसी थी वैसी ही रहेगी।













