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  • तारिक रहमान: बांग्लादेश के ‘डार्क प्रिंस’ से सत्ता के शीर्ष तक का सफर, 17 साल के निर्वासन से लौटकर 2 महीने में पलटा पासा

    ढाका: बांग्लादेश में गुरुवार को हुए चुनाव में बीएनपी की शानदार जीत हुई है। शानदार जीत के बाद बीएनपी के नेता तारिक रहमान रविवार, 15 फरवरी को प्रधानमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। यह तारिक रहमान के लिए किसी सपने के सच होने जैसा है, जिन्होंने पहली बार संसदीय चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी


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    By Azad Hind Desk फरवरी 13, 2026
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    ढाका: बांग्लादेश में गुरुवार को हुए चुनाव में बीएनपी की शानदार जीत हुई है। शानदार जीत के बाद बीएनपी के नेता तारिक रहमान रविवार, 15 फरवरी को प्रधानमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। यह तारिक रहमान के लिए किसी सपने के सच होने जैसा है, जिन्होंने पहली बार संसदीय चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) का नेतृत्व किया। उन्होंने खुद भी पहली बार चुनाव में हिस्सा लिया। मां खालिदा जिया की मौत के बाद इस चुनाव से ठीक पहले पार्टी की कमान तारिक के हाथ में आई थी।

    बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की बड़ी जीत के साथ ही 60 साल के तारिक रहमान के बांग्लादेश के अगले प्राइम मिनिस्टर बनने का रास्ता साफ हो गया है। तारिक ने खुद अपनी दोनों सीटें- ढाका-17 और बोगुरा-6 से चुनाव जीत लिया है। पीएम नरेंद्र मोदी समेत दुनियाभर से नेता तारिक को बधाई संदेश मिल रहे हैं।

    तारिक रहमान कौन हैं

    तारिक रहमान बांग्लादेश के पूर्व प्रेसिडेंट जियाउर्रहमान और तीन बार की प्राइम मिनिस्टर खालिदा जिया के बड़े बेटे हैं। बीते साल दिसंबर में 17 साल के देश निकाले के बाद वह ढाका लौटे। 30 दिसंबर को उनकी मां खालिदा जिया का इंतकाल हो गया। खालिदा की मौत के बाद रहमान को BNP चीफ चुना गया और वह चुनाव में कूद गए।

    तारिक रहमान बीते 17 साल से बांग्लादेश से बाहर थे लेकिन एक समय वह ढाका में काफी चर्चित रहे हैं। अपनी मां खालिदा जिया के 2001 से 2006 के शासनकाल के लिए उन्हे ‘डार्क प्रिंस’ कहा गया। तब भले ही खालिदा जिया प्रधानमंत्री थीं लेकिन असली ताकत रहमान के पास थी। इस दौरान उन पर भ्रष्टाचार के कई आरोप लगे।

    तारिक के खिलाफ मुकदमे

    बांग्लादेश में 2006 और 2008 के बीच का समय उथलपुथल का रहा था। इस दौरान मिलिट्री ‘केयरटेकर’ सरकार आई। रहमान को मई 2007 में केयरटेकर सरकार ने गिरफ्तार किया। वह मनी लॉन्ड्रिंग समेत कई मामलों में 17 महीने जेल में रहे। इसके बाद उनको इलाज के लिए लंदन जाने की इजाजत दे दी गई। वह इसके बाद 2025 तक लंदन में रहे।

    तारिक रहमान को उनकी गैर-मौजूदगी में अक्टूबर 2018 में शेख हसीना की रैली में हुए ग्रेनेड हमले के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई। इसके अलावा भी रहमान पर कई गंभीर आरोप लगे। बांग्लादेश के अखबार ढाका ट्रिब्यून ने साल 2023 में तारिक रहमान के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों की एक सीरीज पब्लिश करते हुए उनको ‘डार्क प्रिंस’ लिखा था।

    रहमान ने भारत के बारे में क्या कहा

    तारिक रहमान को पीएम बनने के बाद उनके सामने बड़ी जियोपॉलिटिकल चुनौतियों में से एक भारत के साथ रिश्ते फिर से बनाना होगा। शेख हसीना के राज में भारत बांग्लादेश का सबसे करीबी साथी था। हाल के महीनों में बाहर से दुश्मनी वाले हो गए हैं। रहमान ने माना है कि भारत के साथ मुद्दे हैं लेकिन वह आपसी समझ वाला रिश्ता चाहते हैं।

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