दिल्ली के खिलाड़ियों पर आरोप
सूत्रों का कहना है कि ऐसे मामले खेल की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं और संस्था की प्रतिष्ठा को भी नुकसान पहुंचाते हैं। DDCA के संयुक्त सचिव अमित ग्रोवर ने हालांकि कहा कि खिलाड़ी सिर्फ संगीत सुन रहे थे और ऐसा कोई भी मामला सामने नहीं आया है जिसमें किसी नाबालिग से छेड़छाड़ हुई हो। ग्रोवर ने इसे छेड़छाड़ के बजाय अनुशासनहीनता का मामला बताया।
यह घटना तब हुई जब दिल्ली की टीम रणजी ट्रॉफी के ग्रुप डी में खेल रही थी। टीम का प्रदर्शन इस टूर्नामेंट में कुछ खास नहीं रहा है। उन्होंने अभी तक कोई मैच नहीं जीता है, बल्कि पांच मैच ड्रॉ खेले हैं और एक मैच हार चुके हैं। अब उनका अगला मुकाबला मुंबई से होना है।
डीडीसीए के लिए भी चुनौती
यह पूरा मामला DDCA के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। खिलाड़ियों पर लगे आरोप बेहद गंभीर हैं और इनकी जांच पूरी होने के बाद ही सच्चाई सामने आएगी। इस घटना ने क्रिकेट जगत में एक बार फिर खिलाड़ियों के आचरण और अनुशासन पर बहस छेड़ दी है। DDCA इस मामले को लेकर काफी सतर्क है और जांच में पूरा सहयोग कर रहा है। यह देखना अहम होगा कि इस जांच का नतीजा क्या निकलता है और खिलाड़ियों पर क्या कार्रवाई होती है।













