• International
  • दुनिया का सबसे बड़ा समुद्री सांप 12 मीटर था लंबा, पेट भरने के लिए शार्क का करता था शिकार, खुलासा

    वॉशिंगटन: वैज्ञानिकों ने एक ऐसे सांप की पहचान की है, जिसे अब तक का सबसे बड़ा समुद्री सांप माना जा रहा है। यह सांप इंसान के आने के लाखों साल पहले रहता था। इसके विशाल आकार ने वैज्ञानिकों को हैरान कर दिया है। पैलियोफिस कोलोसियस नाम का यह विशाल सांप गहरे समुद्र में व्हेल या


    Azad Hind Desk अवतार
    By Azad Hind Desk जनवरी 17, 2026
    Views
    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement
    वॉशिंगटन: वैज्ञानिकों ने एक ऐसे सांप की पहचान की है, जिसे अब तक का सबसे बड़ा समुद्री सांप माना जा रहा है। यह सांप इंसान के आने के लाखों साल पहले रहता था। इसके विशाल आकार ने वैज्ञानिकों को हैरान कर दिया है। पैलियोफिस कोलोसियस नाम का यह विशाल सांप गहरे समुद्र में व्हेल या कोरल रीफ के बजाय उथले पानी में घूमता था जो अब मौजूद नहीं है। शोधकर्ताओं का कहना है कि यह प्रजाति न सिर्फ बड़ी थी, बल्कि शार्क जैसे बड़े शिकारियों का शिकार भी करती होगी। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह प्रजाति 5.6 करोड़ से 3.4 करोड़ साल पहले रहता था।

    स्टडी के अनुसार, इओसीन युग के दौरान महासागरों में रहने वाला पैलियोफिस कोलोसियस उस समय के समुद्री इकोसिस्टम में टॉप पोजीशन पर था। इसके अस्तित्व को और भी ज्यादा हैरान वाली बात इसकी लंबाई है। जहां आज के ज्यादातर समुद्री सांप 2-3 मीटर से ज्यादा लंबे नहीं होते, वैज्ञानिकों का कहना है कि पैलियोफिस कोलोसियस 8 से 12 मीटर तक लंबा होता था। इस विशाल प्रजाति की खोज समुद्री सांपों के बारे में कई मान्यताओं को फिर से जांचने का मौका देती है।

    वैज्ञानिकों को इस सांप की केवल रीढ़ की हड्डियां मिली हैं, जो असामान्य रूप से बड़ी हैं। 2018 में की गई एक स्टडी में रीढ़ की हड्डियों को किसी भी ज्ञात आधुनिक सांप प्रजाति (समुद्री या स्थलीय) की तुलना में बड़ा बताया। शोधकर्ताओं का कहना है कि जीवाश्म डेटा से पता चलता है कि पुराने महासागरों में जो जीव रहते थे वो पहले की गई कल्पनाओं से ज्यादा बड़े और शक्तिशाली शिकारी थे।

    अफ्रीका के पास रहता था समुद्री शिकारी

    स्टडी में वैज्ञानिकों को जो सबूत मिले हैं, वे इस जीव के लिए उथले समुद्री वातावरण की ओर इशारा करते हैं जो कभी उत्तरी अफ्रीका के कुछ हिस्सों को कवर करता था। इस क्षेत्र को ट्रांस-सहारा सीवे के नाम से जाना जाता है। यह उस दौर में मौजूद था, जब वैश्विक तापमान आज की तुलना में अधिक था। आज का यह रेगिस्तानी इलाका कभी तटीय जल से भरा था।

    शार्क जैसे शिकारियों का करता था शिकार

    बड़े सरीसृप (रेंगकर चलने वाले जीव) गर्मी पर निर्भर करते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि शायद विभिन्न प्रकार की मछलियों, शार्क और दूसरे समुद्री सरीसृपों ने इस बड़े शिकारी के लिए जीना आसान किया है। शोधकर्ताओं को उम्मीद है कि इस बड़े शिकारी ने जिंदा रहने के लिए शार्क खाईं हों।

    हालांकि, कोई सीधा सबूत यह नहीं दिखाता है कि पैलियोफिस कोलोसियस किस चीज का शिकार करता था। हालांकि, इसके आकार से अंदाजा लगाया जा सकता है कि इसे बड़े शिकार की जरूरत रही होगी। शोधकर्ताओं ने सुझाव दिया है कि अगर उसकी खोपड़ी कई आधुनिक सांपों की तरह बहुत लचीली थी, तो वह बहुत बड़े शिकार को निगल सकता था। इसमें बड़ी मछलियां, शार्क या डॉयरोसॉरिड नाम के मगरमच्छ जैसे सरीसृप शामिल हो सकते थे।

    आज के सांपों से कितना अलग?

    आधुनिक समय में समुद्री सांप बहुत छोटे और कम प्रभावशाली होते हैं। सबसे लंबी प्रजाति एक पीला समुद्री सांप है जो अधिकतम लगभग 3 मीटर तक पहुंचता है। गौर करने वाली बात है कि कभी जमीन पाया जाने वाला अब तक का सबसे लंबा सांप टाइटेनोबोआ भी इससे कुछ ही लंबा था। टाइटेनोबोआ भी अब विलुप्त हो चुका है।

    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement

    हर महीने  ₹199 का सहयोग देकर आज़ाद हिन्द न्यूज़ को जीवंत रखें। जब हम आज़ाद हैं, तो हमारी आवाज़ भी मुक्त और बुलंद रहती है। साथी बनें और हमें आगे बढ़ने की ऊर्जा दें। सदस्यता के लिए “Support Us” बटन पर क्लिक करें।

    Support us

    ये आर्टिकल आपको कैसा लगा ? क्या आप अपनी कोई प्रतिक्रिया देना चाहेंगे ? आपका सुझाव और प्रतिक्रिया हमारे लिए महत्वपूर्ण है।