विशाखापत्तनम का चुनाव ही क्यों?
रिपोर्ट (ref.) के अनुसार, विशाखापत्तनम पोर्ट सिटी है, जो समुद्र के किनारे बसी है। आंध्र सरकार यहां हाइपरस्केल डेटा सेंटर, सर्वर और कूलिंग सिस्टम के लिए मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाना चाहती है और इसके लिए वह प्राइवेट कंपनियों को आकर्षित कर रही है। शहर की भौगोलिक स्थिति भी बेहतर है क्योंकि यहां से भारत को सीधे साउथ-ईस्ट एशिया से जोड़ने वाली समुद्री इंटरनेट केबल की कनेक्टिविटी मिलती है। विशाखापत्तनम को सिंगापुर से जुड़ने वाली सबमरीन केबल के लैंडिंग पॉइंट के रूप में भी डेवलप किया जा रहा है। इससे एआई कंपनियों को डेटा स्पीड की चिंता नहीं करनी होगी और वो हाईस्पीड कनेक्टिविटी के साथ अपने काम कर पाएंगी।
अमेरिका और चीन से बराबरी की कोशिश
एआई की रेस में अभी अमेरिका और चीन सबसे आगे हैं। भारत को इस रेस में दौड़ना है तो विशाखापत्तनम जैसे शहरों को तैयार करना होगा। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मिनिस्टर नारा लोकेश ने दिल्ली में होने वाली एआई इंडिया इम्पैक्ट समिट से पहले कहा कि इसमें कोई शक नहीं कि AI क्रांति आ गई है। अब यह बहस का मुद्दा नहीं होना चाहिए कि एआई को अपनाया जाए या नहीं। उन्होंने कहा कि बहस इस बात पर होनी चाहिए कि भारत इस दिशा में कितनी तेजी से आगे बढ़ सकता है।
बड़ी कंपनियों का मिल रहा सपोर्ट
विशाखापत्तनम को ‘एआई डेटा सिटी’ बनाने के लिए बड़ी कंपनियों का सपोर्ट भी मिलना शुरू हाे गया है। राज्य सरकार ने 700 से ज्यादा प्रोजेक्ट्स के लिए इन्वेस्टमेंट एग्रीमेंट साइन कर लिए है। दिग्गज कंपनी गूगल ने वादा किया है कि वह अमेरिका से बाहर अपना सबसे बड़ा एआई इंफ्रास्ट्रक्चर हब यहां बनाएगी। गूगल के अलावा, रिलायंस इंडस्ट्रीज, ब्रुकफील्ड और डिजिटल रियल्टी के जॉइंट वेंचर भी आंध्र में एआई प्रोजक्ट्स पर पैसा लगा रहे हैं। राज्य सरकार भी अपना पूरा जोर लगा रही है। वह ऐसी कंपनियों को राज्य में देखना चाहती है जो सर्वर, एयर कंडीशनिंग, वॉटर-कूलिंग सिस्टम सब लगाएं।
एआई इंडिया इम्पैक्ट समिट रखेगा नींव
सोमवार से नई दिल्ली में एआई इंडिया इम्पैक्ट समिट 2026 की शुरुआत हो रही है। इसमें दुनियाभर की कंपनियों के सीईओ, तमाम देशों के राष्ट्राध्यक्ष पहुंच रहे हैं। यह ग्लोबल साउथ का सबसे बड़ा एआई समिट है। भारत को एआई की दुनिया में आगे लाने के लिए यह समिट मजबूत नींव रखेगा। देखना होगा कि आंध्र के विशाखापत्तनम की तरह देश के और कौन से शहर एआई की रफ्तार में दौड़ने को तैयार हो पाते हैं।













