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  • पहला स्वदेशी ALSV, गणतंत्र दिवस परेड में नजर आया,आर्मी का अभेद्य वाहन है Armado

    नई दिल्ली: 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर परेड में पहला स्वदेशी आर्मर्ड लाइट स्पेशिलिस्ट व्हीकल (ALSV) नजर आया। महिंद्रा कंपनी ने इसे खास तौर पर भारतीय सेना के लिए बनाया है। इसकी डिजाइनिंग, डेवलपिंग और मैन्युफैक्चरिंग तक सारा कुछ भारत में ही हुआ है। महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने सोशल मीडिया पर


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    By Azad Hind Desk जनवरी 27, 2026
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    नई दिल्ली: 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर परेड में पहला स्वदेशी आर्मर्ड लाइट स्पेशिलिस्ट व्हीकल (ALSV) नजर आया। महिंद्रा कंपनी ने इसे खास तौर पर भारतीय सेना के लिए बनाया है। इसकी डिजाइनिंग, डेवलपिंग और मैन्युफैक्चरिंग तक सारा कुछ भारत में ही हुआ है। महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने सोशल मीडिया पर कंपनी की इस उपलब्धि वाले एक एक्स पोस्ट को रिपोस्ट किया है। कंपनी कर्तव्य पथ पर परेड में इसके शामिल होने को अपने लिए गौरव का पल मान रही है।

    भारतीय सेना के लिए बना है ‘ अर्माडो ‘

    अर्माडो ( Armado ) एक विशेष हल्का बख्तरबंद वाहन(ALSV) है, जिसे खास तौर पर युद्ध की स्थिति में इस्तेमाल के लिए तैयार किया गया है। इंडियन आर्मी के साथ-साथ इसका इस्तेमाल आतंकवाद के खिलाफ अभियानों, स्पेशल ऑपरेशन और क्विक रेस्पॉन्स के लिए किया जा सकता है। अर्माडो एक मॉड्यूलर वाहन है, मतलब इसे आवश्यकताओं के अनुसार अपग्रेड किया जा सकता है या फिर अलग-अलग अभियानों की जरूरतों के हिसाब से इसे मॉडिफाई भी किया जा सकता है।

    आर्मी का अभेद्य वाहन है एएलएसवी

    आर्मर्ड लाइट स्पेशिलिस्ट व्हीकल (ALSV) स्टैंग लेवल 2 (STANG level 2) तक की सुरक्षा देता है। यानी यह बड़े बारूदी सुरंगों और आईईडी धमाकों से भी सुरक्षित है। बैलिस्टिक प्रोटेक्शन की वजह से न ही इसपर स्नाइपर या असॉल्ट राइफल की गोलियां कोई असर कर सकती हैं और न ही कवच-रोधी राइफल (armour-piercing rifles) की गोलियां इसका कुछ बिगाड़ सकती हैं। यही नहीं, इसकी इन खूबियों को आवश्यकता के अनुसार और भी ज्यादा अपग्रेड करने की व्यवस्था रखी गई है।

    क्रू और गोला-बारूद ले जाने में सक्षम

    ड्राइवर के अतिरिक्त चार क्रू मेंबर तक इसमें आसानी से मिशन पर निकल सकते हैं। वहीं इसमें भारी मात्रा में गोला और बारूद लोड किया जा सकता है। 400 किलो तक अतिरिक्त लोडिंग की क्षमता से लैस है। यह वाहन गोलियों और विस्फोटकों से सभी तरफ से सुरक्षित है। मतलब, अर्माडो को सामने, बगल,पीछे या नीचे कहीं से भी कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जा सकता।

    120 किमी प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार

    अर्माडो मात्र 12 सेकंड में शून्य से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकता है और 120 किलोमीटर प्रति घंटे से भी ज्यादा रफ्तार से चल सकता है। इसे इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह रेगिस्तान में भी पूरी क्षमता से अपनी सेवाएं दे सकते हैं।

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