परेड में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की झांकी भी आकर्षण का केंद्र रहेगी, जो तीनों सेनाओं के साझा अभियान की ताकत को बयां करती है। एयर कमोडोर सभरवाल ने बताया कि इस झांकी में ऑपरेशन के सभी अहम पहलुओं को शामिल किया गया है। इसमें प्रतीकात्मक रूप से दिखाया जाएगा कि कैसे एक सुखोई-30 (Su-30) विमान से ब्रह्मोस मिसाइल लॉन्च की गई और उसने एक पाकिस्तानी एयरबेस को तबाह कर दिया। उन्होंने कहा कि यह झांकी देश के इस संकल्प को दिखाती है कि अगर हम मिलकर लड़ें, तो जीत निश्चित है।
परेड के अन्य आकर्षणों के बारे में जानकारी देते हुए मेजर जनरल नवराज ढिल्लों ने बताया कि लेफ्टिनेंट जनरल भवनीश कुमार चौथी बार परेड का नेतृत्व करेंगे और इस बार कुल 6050 सैन्यकर्मी इसमें हिस्सा ले रहे हैं। खास बात यह है कि पहली बार भैरव बटालियन और शक्तिमान रेजिमेंट परेड में शामिल होंगी। इनके साथ लद्दाख स्काउट्स भी कदमताल करते नजर आएंगे।
जानवरों और पक्षियों की भागीदारी भी इस बार खास होगी। मेजर जनरल ढिल्लों ने बताया कि चील (Kites), जांस्कर टट्टू (Zanskar ponies) और दो कूबड़ वाले बैक्ट्रियन ऊंट भी पहली बार गणतंत्र दिवस परेड का हिस्सा बनेंगे।














