सोमाली एयरचीफ ने किया पाकिस्तान का दौरा
डिफेंस सिक्योरिटी एशिया की रिपोर्ट के अनुसार, सोमाली एयर फोर्स कमांडर मोहम्मद शेख अली के फरवरी 2026 में पाकिस्तान का दौरा किया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच JF-17 डील पर बातचीत में तेजी आई है। इस दौरे में सोमाली एयरचीफ ने फिक्स्ड-विंग कॉम्बैट कैपेबिलिटी को फिर से बनाने की ऑपरेशनल अर्जेंसी पर जोर दिया था। सोमालिया की हवाई ताकत बहुत कमजोर है। गृहयुद्ध के कारण सोमालिया हिंसा से जूझ रहा है।
सोमाली रक्षा मंत्रालय ने क्या कहा
रिपोर्ट में सोमाली रक्षा मंत्रालय के एक सूत्र के हवाले से बताया गया है कि सोमालिया अपनी हवाई ताकत में इजाफा करना चाहता है। इसके लिए वह न सिर्फ हथियार खरीद रहा है, बल्कि उन्हें ऑपरेशन इलाकों में तैनात भी कर रहा है। उसकी कोशिश अपनी हवाई शक्ति को बढ़ाने की है। सोमालिया रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जगह पर स्थित है। इस कारण JF-17 डील से वह एक बड़े व्यापारिक मार्ग पर नजर रख सकेगा और आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन को भी अंजाम देगा।
JF-17 लड़ाकू विमान कितना शक्तिशाली
जेएफ-17 थंडर एक फोर्थ जेनरेशन, सिंगल इंजन, मल्टीरोल फाइटर जेट है। इसे पाकिस्तान एयरोनॉटिकल कॉम्प्लेक्स (पीएसी) और चीन के चेंगदू एयरक्राफ्ट कॉरपोरेशन (सीएसी) ने संयुक्त रूप से विकसित किया है। हालांकि, JF-17 का इस्तेमाल सिर्फ पाकिस्तान ही करता है। चीनी वायुसेना में यह लड़ाकू विमान शामिल नहीं है। इसे 12 मार्च 2007 को पाकिस्तानी वायु सेना में शामिल किया गया था। जेएफ-17 थंडर विमान की ड्रॉप टैंकों के साथ उड़ान क्षमता 3,482 किलोमीट है। इसका अधिकतम टेक-ऑफ वजन 13,500 किलोग्राम है।













