विश्व व्यापार संगठन में पाकिस्तान के दूत रह चुके डॉ. मंजूर अहमद ने भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को नई दिल्ली की पुरानी व्यापार नीति में बड़ा बदलाव बताया है। खासतौर पर भारतीय बाजार को अधिक खोलने का वादा, रूसी तेल खरीदना बंद करने पर सहमत होना और चीन को लेकर अमेरिका की चिंताओं के साथ ट्रेड पॉलिसी को अप्रत्यक्ष रूप से जोड़ने को महत्वपूर्ण कहा है।
पाकिस्तान पर डील का असर
डॉ. मंजूर अहमद ने पाकिस्तानी मीडिया आउटलेट डॉन में एक लेख के जरिए भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर पाकिस्तान को आगाह किया है। उन्होंने लिखा कि इन बदलावों के महत्वपूर्ण नतीजे होंगे। पाकिस्तान अमेरिका को अपना सबसे बड़ा निर्यात करते हैं। अमेरिकी बाजार में टैरिफ ढांचे या बाजार तक पहुंच की शर्तों में कोई भी बदलाव पाकिस्तान के सबसे महत्वपूर्ण निर्यात क्षेत्र, खासकर टेक्सटाइल पर सीधा असर डालता है।
पाकिस्तान ने कर दी गलती
उन्होंने पाकिस्तान की सरकारों पर निशाना साधा और कहा कि इस्लामाबाद ने कभी भी वॉशिंगटन के साथ एक व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत करने का गंभीर प्रयास नहीं किया। उन्होंने इसे बड़ी गलती बताया। इसके उलट पाकिस्तान की कोशिश टैरिफ रियायते मांगने और सीमित संख्या में उत्पादों को कवर करने वाली छोटी और ज्यादातर प्रतीकात्मक व्यवस्थाओं का प्रस्ताव देने की रही है।
कंगाल पाकिस्तान को एक्सपर्ट ने दी सलाह
पाकिस्तानी एक्सपर्ट ने कहा कि देश वैश्विक व्यापार में हाशिए पर पहुंच गया है। भारत-अमेरिका की ट्रेड डील के बाद पाकिस्तान को अपनी व्यापार नीति पर फिर से सोचने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को बेहतर स्थिति में बताया और कहा कि उसे अमेरिका समेत व्यापारिक साझेदारों के साथ ठोस बातचीत शुरू करनी चाहिए।













