रेजोनेंट न्यूज के मुताबिक, नूर खान बेस में आग सिलेंडर के गैस लीकेज के कारण लगी। कंबाइंड मिलिट्री हॉस्पिटल (CMH) में डॉक्टरों की कोशिशों के बावजूद फ्लाइट लेफ्टिनेंट वासिफ की मौत हो गई। रिपोर्ट बताती हैं कि वासिफ की हाल ही में शादी हुई थी। उनके परिवार में दुख का माहौल है।
आर्मी जवानों को निशाना बनाने की घटनाएं
इससे मिलती-जुलती घटना में एक स्पेशल सर्विस ग्रुप (SSG) का कमांडो इंटेलिजेंस-बेस्ड ऑपरेशन (IBO) के दौरान घायल हो गया। कैप्टन हारिस मिराज 24 फरवरी को बलूचिस्तान के किसी इलाके में ऑपरेशन में घायल हुए। इससे पहले 21 फरवरी को पाकिस्तानी आर्मी को खैबर पख्तूनख्वा के बन्नू जिले में झटका लगा था।
बन्नू में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान या उससे जुड़े किसी ग्रुप ने एक गाड़ी में लगे इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED/VBIED) से सिक्योरिटी फोर्सेज के काफिले पर हमला किया। इस हमले में लेफ्टिनेंट कर्नल शहजादा गुल फराज और एक सिपाही करामत शाह की मौत हो गई।
पाक सैनिकों की बढ़ती सुरक्षा चुनौती
बन्नू में हमले के बारे में अधिकारियों ने बताया कि सैनिकों ने एक सुसाइड बॉम्बर को रोक लिया, जिससे बन्नू शहर में बड़ा खतरा टल गया। ये घटनाएं पाकिस्तान के मिलिट्री के जवानों की सुरक्षा चुनौतियों को दिखाती हैं। पाकिस्तानी सैनिकों रूटीन बेस और एक्टिव काउंटर-इंसर्जेंसी ऑपरेशन में नुकसान उठाना पड़ा है।













