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  • पीएम मोदी के पोस्ट का ‘जहरीला’ अनुवाद, भारत-मालदीव रिश्तों में आ सकती थी खटास, Grok AI ने फिर तोड़ा भरोसा

    एलन मस्क के एआई चैटबॉट Grok ने ऐसी गलती कर दी है, जिससे दो देशों के बीच तनाव की स्थिति बन सकती है। ग्रोक AI ने पीएम मोदी के एक पोस्ट का गलत ट्रांसलेशन कर दिया है। ग्रोक ने सद्भावना से भरे एक पोस्ट का गलत अनुवाद किया है। इस पोस्ट को ग्रोक ने मालदीव


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    By Azad Hind Desk जनवरी 28, 2026
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    एलन मस्क के एआई चैटबॉट Grok ने ऐसी गलती कर दी है, जिससे दो देशों के बीच तनाव की स्थिति बन सकती है। ग्रोक AI ने पीएम मोदी के एक पोस्ट का गलत ट्रांसलेशन कर दिया है। ग्रोक ने सद्भावना से भरे एक पोस्ट का गलत अनुवाद किया है। इस पोस्ट को ग्रोक ने मालदीव के बारे में एक राजनीतिक रूप से विवादित बयान में बदल दिया है। इससे दोनों देशों की बीच तनाव हो सकता है। बता दें कि मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने भारत के गणतंत्र दिवस के मौके पर शुभकामना दी थी। पीएम ने इसका धन्यवाद करने के लिए पोस्ट किया था, जिसका ग्रोक ने गलत ट्रांसलेशन कर दिया।

    पीएम ने क्या लिखा था पोस्ट में?

    एक यूजर्स ने पीएम के पोस्ट को ग्रोक पर ट्रांसलेट किया और देखा कि ग्रोक द्वारा किया गया ट्रांसलेशन प्रधानमंत्री के असली मैसेज से बिल्कुल अलग था। असली पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि वे मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू को भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देते हैं। साथ ही, उन्होंने पोस्ट में लिखा था कि हम दोनों देशों के लोगों के फायदे के लिए मिलकर काम करते रहेंगे। मैं मालदीव के सभी लोगों के लिए खुशहाली और समृद्धि से भरे भविष्य की कामना करता हूं।

    ग्रोक ने किया गलत ट्रांसलेशन

    ग्रोक का “अनुवाद” पूरी तरह से अलग था। ग्रोक ने लिखा, “सुकुरिया, रायथुन मजलिस। मालदीव में भारत के 77वें स्वतंत्रता दिवस का उत्सव मनाया गया और मालदीव सरकार ने इस कार्यक्रम में भाग लिया। इस सुकुरिया सरकार ने लोगों के भारत विरोधी अभियानों में भी भाग लिया है। दोनों भारत विरोधी अभियानों में भी, वे विरोध प्रदर्शनों में सबसे आगे रहे हैं।” यह AI से बना टेक्स्ट ना केवल गलत था बल्कि इसने राजनीतिक रूप से संवेदनशील दावे भी जोड़ दिए। ग्रोक ने दावा किया कि मालदीव सरकार “भारत विरोधी अभियानों” में शामिल थी, जबकि प्रधानमंत्री मोदी के पोस्ट में ऐसा कुछ भी नहीं कहा गया था या इसका कोई संकेत भी नहीं था।

    कैसे एआई पर हो भरोसा?

    हाल के दिनों में भारत और मालदीव के रिश्ते काफी तनावपूर्ण रहे हैं। ऐसे में, इस तरह का गलत और भड़काऊ “अनुवाद” बहुत संवेदनशील साबित हुआ। भले ही यह टेक्स्ट एक AI टूल द्वारा बनाया गया था, लेकिन ग्रोक के आउटपुट के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गए। इससे गलत सूचना को लेकर चिंताएं बढ़ गईं।

    यह पहली बार नहीं है, जब ग्रोक भारत में मुश्किल में पड़ा है। हाल ही में, भारत सरकार ने AI टूल की आलोचना की थी। सरकार ने कहा था कि ग्रोक द्वारा विवादास्पद AI इमेज और कंटेंट बनाया जा रहा, जो भ्रामक और हानिकारक हो सकता। अब इस गलत अनुवाद से ग्रोक की मुश्किलें बढ़ सकती हैं और लोगों के लिए इस पर भरोसा करना आसान नहीं है।

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