मालूम हो कि ब्राजील के पास दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा क्रिटिकल मिनरल रिजर्व है। इसका इस्तेमाल EVs, सोलर पैनल और डिफेंस इक्विपमेंट में होता है। चीन पर निर्भरता कम करने के मकसद से भारत प्रोडक्शन बढ़ा रहा है। साथ ही, नए सप्लायर्स की तलाश कर रहा है। लूला ने इस एग्रीमेंट को रिन्यूएबल एनर्जी और जरूरी मिनरल सहयोग की दिशा में एक कदम बताया। दोनों देशों के बीच डिजिटल, हेल्थ और एंटरप्रेन्योरशिप को कवर करते हुए नौ और एग्रीमेंट साइन किए गए।
पीएम मोदी ने किया लूला का स्वागत
पीएम मोदी ने कहा कि भारत को प्रेसिडेंट लूला और उनके डेलीगेशन का स्वागत करते हुए गर्व हो रहा है, जिसमें जाने-माने मंत्री और बिजनेस लीडर शामिल हैं। प्रेसिडेंट लूला के विजन और प्रेरणा देने वाली लीडरशिप से भारत-ब्राजील के रिश्तों को लंबे समय से फायदा हुआ है। AI समिट में उनकी मौजूदगी ने हमारी स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप में भी नई एनर्जी डाली है। हमारी बातचीत में अलग-अलग सेक्टर में भारत-ब्राजील दोस्ती के सभी पहलुओं पर बात हुई।
ब्राजील के साथ किन सेक्टर्स में सहयोग
भारत-ब्राजील दोस्ती के दूसरे मजबूत आधार एनर्जी, एग्रीकल्चर, जरूरी मिनरल्स, एजुकेशन, डिफेंस और मल्टीलेटरल मुद्दे जैसे सेक्टर हैं। पीएम मोदी ने कहा कि हमारी बातचीत में यह भी शामिल था कि हमारे देशों के बीच लोगों के बीच जुड़ाव को कैसे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि हमारी बातचीत भारत-ब्राजील ट्रेड पार्टनरशिप को और गहरा करने के तरीकों पर फोकस थी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हम अगले पांच सालों में आपसी ट्रेड को $20 बिलियन से कहीं अधिक ले जाने के लिए कमिटेड हैं। हमारे देश टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, AI, सेमीकंडक्टर और दूसरे एरिया में भी मिलकर काम करेंगे। इससे हमारे देश के लोगों को फायदा होगा।













