कैम्पा को 10 रुपये की कीमत में बाजार में लाया गया। यह कीमत प्रतिद्वंदी ब्रांड के मुकाबले आधी थी। पेप्सी और कोक ने शुरू में तो कैम्पा के इस प्राइस को बहुत सीरियस नहीं लिया, लेकिन अब यह कीमत इन दोनों कंपनियों पर भारी पड़ रही है। साथ ही कैम्पा के बिजनेस तरीके ने भी पेप्सी और कोक की नींद उड़ा दी है। स्थिति यह है कि आज दुकानों से लेकर घरों तक में पेप्सी और कोक के साथ लोग कैम्पा को भी तवज्जो दे रहे हैं।
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मार्केट में तेजी से बढ़ती पहुंच
रिलायंस ने कैम्पा को साल 2023 में री-लॉन्च किया था। रिलायंस ने कैम्पा को मार्केट में पकड़ बनाने के लिए कई तरह के प्रयोग किए। ग्लोबल डेटा के मुताबिक आज भारत के कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक बाजार में कैम्पा की हिस्सेदारी बढ़कर 7 फीसदी हो गई है, जबकि साल 2024 में यह 2 फीसदी थी।
मार्च 2025 में खत्म हुए वित्त वर्ष में कैम्पा का रेवेन्यू करीब 1000 करोड़ रुपये रहा। यह दोनों विदेशी ब्रांड के मुकाबले काफी कम है। लेकिन रिलायंस के कैम्पा के लिए सपने काफी बड़े हैं। इकनॉमिक टाइम्स के मुताबिक एक अधिकारी ने बताया कि रिलायंस का प्लान अगले तीन सालों में मार्केट में कैम्पा के शेयर को बढ़ाकर 25 फीसदी करना है।
प्राइस वॉर बनेगा बड़ा हथियार!
रिलायंस का प्लान कैम्पा को मार्केट में बड़ी पहुंच दिलाने का सफल भी हो सकता है। इसका सबसे बड़ा कारण प्राइस वॉर है। साल 2016 में रिलायंस जियो ने मोबाइल डेटा सस्ता दिया था। इस प्राइस वॉर में कई छोटे ऑपरेटर जैसे एयरसेल, आइडिया और टेलिनॉर मार्केट में टिक नहीं सके और खत्म हो गए। पेप्सी के एक पूर्व अधिकारी ने बताया कि रिलायंस अगले दो साल तक प्राइस वॉर को खेल सकती है। इससे पेप्सी और कोक की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है।














