पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने कहा है कि हमलों को मजबूती से जवाब दिया गया जिसमें 90 से ज्यादा चरमपंथी मारे गए हैं, जबकि 15 जवानों ने जान गंवाई है। वहीं, BLA ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के 84 सदस्यों को मारे जाने का दावा किया है। समूह ने कहा कि उसके लड़ाकों ने 14 शहरों में 48 अलग-अलग जगहों पर हमला किया। इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
पाकिस्तानी गृह मंत्री का भारत पर आरोप
इस हमले के बाद पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने भारत के खिलाफ जहर उगला है। नकवी ने दावा किया कि बलूचिस्तान में शनिवार को हुए बीएलए के हमले के पीछे भारत का हाथ है। पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सशस्त्र बलों के हाथों हुई पिटाई के बाद पाकिस्तान को हर हमलों के बाद भारत की याद आती है और वह बेबुनियाद आरोप मढ़ देता है।
ऑपरेशन हेरोफ 2.0 के लिए यही समय क्यों?
बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने इस हमले को ‘ऑपरेशन हेरोफ फेज 2.0’ नाम नाम दिया है। हेरोफ बलूची भाषा का शब्द है, जिसका अर्थ है काला तूफान। BLA ने पहली बार अगस्त 2024 में ऑपरेशन हेरोफ लॉन्च किया था, जिसमें बलूचिस्तान के 12 जिलों में हमले किए गए थे। जानकारों का कहना है कि ऑपरेशन का समय जानबूझकर तय किया गया है। पड़ोसी ईरान में बड़े विरोध प्रदर्शनों और अस्थिरता पर दुनिया का ध्यान जाने के साथ बलूचिस्तान में भी विद्रोही इसे मौके के रूप में देख रहे हैं।
महिलाओं की हथियारबंद समूहों में भर्ती
विश्लेषकों का कहना है कि ईरान पर पहले ही दुनिया का ध्यान है, ऐसे में इस हिंसा का मकसद ईरान से सटे बलूचिस्तान की तरफ दुनिया का ध्यान खींचने हो सकता है। इसके अलावा महरंग बलूच की गिरफ्तारी से युवाओं में गुस्सा बढ़ गया है। उन्हें लगता है कि अब शांतिपूर्ण संघर्ष कोई विकल्प नहीं रहा। हाल की झड़पों से पता चलता है कि महिलाओं की भर्ती भी हथियारबंद समूहों में बढ़ी है।













