‘सम्मान से समझौता नहीं करेंगे’: आसिफ नजरल
बांग्लादेश सरकार के युवा और खेल सलाहकार, आसिफ नजरल ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए रविवार को BSS समाचार एजेंसी के माध्यम से एक बयान जारी किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, ‘हम किसी भी परिस्थिति में बांग्लादेशी क्रिकेट, हमारे क्रिकेटरों और अपने देश का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे। अब गुलामी के दिन खत्म हो गए हैं।’ नजरल ने यह भी जोर देकर कहा कि बांग्लादेश अब अपनी शर्तों पर आगे बढ़ेगा और किसी भी बाहरी दबाव या अपमानजनक व्यवहार को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
क्या है विवाद की जड़?
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब BCCI के निर्देश पर एक प्रमुख बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान को IPL फ्रेंचाइजी छोड़ने के लिए कहा गया। बांग्लादेशी सरकार और क्रिकेट बोर्ड इसे अपने खिलाड़ियों के अपमान के रूप में देख रहे हैं। सरकार का मानना है कि यदि उनके खिलाड़ियों को लीग क्रिकेट में उचित सम्मान और सुरक्षा नहीं मिल सकती, तो वे विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट के लिए भारत में सुरक्षित महसूस नहीं करेंगे।
ICC के सामने रखा जाएगा प्रस्ताव
खेल सलाहकार के निर्देश के बाद, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड अब इस मामले को ICC के समक्ष उठाने की तैयारी में है। उनकी मांग है कि सुरक्षा और सम्मान के कारणों को देखते हुए बांग्लादेश के मैचों को श्रीलंका स्थानांतरित किया जाए। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि यह बयान केवल क्रिकेट तक सीमित नहीं है, बल्कि बांग्लादेश में हालिया सत्ता परिवर्तन के बाद भारत के साथ बदलते संबंधों का भी परिणाम है। जहां भारत ने सुरक्षा और आसपास के घटनाक्रमों का हवाला देकर खिलाड़ी को रिलीज कराया, वहीं बांग्लादेश ने इसे राष्ट्रीय अस्मिता से जोड़ दिया है।














