डॉन ने पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के हवाले से बताया है कि इशाक डार और थान स्वे ने सोमवार को इस्लामाबाद में बहुत ही उपयोगी और व्यापक बातचीत हुई। इसमें पाकिस्तान और म्यांमार के संबंधों को फिर से मजबूत करने पर जोर दिया गया। थान स्वे के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में डार ने स्वे की पाकिस्तान यात्रा को दोनों देशों के लिए अहम बताया।
डार और स्वे क्या बोले हैं
इशाक डार ने कहा कि पाकिस्तान और म्यांमार के ऐतिहासिक संबंध हैं। इस सकारात्मक नींव पर हम सभी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने पर सहमत हुए हैं। दोनों पक्षों में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने, एक-दूसरे के नागरिकों को कांसुलर सहायता प्रदान करने और दूसरे मुद्दों पर सहमति बनी है।
म्यांमार के देश मंत्री थान स्वे ने भी पाकिस्तान के साथ दोस्ताना संबंधों पर जोर दिया। उन्होंने पाकिस्तान के साथ व्यापार, व्यवसाय, निवेश, सेना-से-सेना, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक क्षेत्रों सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने भविष्य में पाकिस्तान और म्यांमार के साथ मिलकर काम करने की बात कही।
भारत की क्यों बढ़ सकती है चिंता
बांग्लादेश में अगस्त, 2024 में मोहम्मद यूनुस की सरकार बनने के बाद से पाकिस्तान की दखल वहां बढ़ी है। बांग्लादेश के बाद अब म्यांमार में पाकिस्तान की दखल की कोशिश लगती है। म्यांमार पहले ही गृह युद्ध से जूझ रहा है, जहां कई सशस्त्र गुट जुंटा सेना से लड़ रहे हैं। म्यांमार से भारत के मणिपुर, मिजोरम जैसे राज्यों की सीमा मिलती है।
पाकिस्तान की मंशा बांग्लादेश की जमीन का इस्तेमाल करके पूर्वोत्तर भारत में अशांति फैलाने की रही है। बांग्लादेश के साथ म्यांमार में पहुंच बढ़ी तो पाकिस्तान को अपने इस मंसूबे पर आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। म्यांमार में फैली अव्यवस्था भी उसके लिए मददगार हो सकती है। ऐसे में भारत निश्चित ही इस घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रखेगा।













