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  • बांग्लादेश के लिए भारी पड़ेगा अमेरिका से ट्रेड डील! मोहम्मद यूनुस ने जाते-जाते तारिक रहमान को कैसे फंसाया?

    ढाका: बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के प्रमुख तारिक रहमान ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली है। इसी के साथ बांग्लादेश में यूनुस शासन का अंत हो गया है। मोहम्मद यूनुस शेख हसीना के नेतृत्व वाली सरकार के पतन के बाद अंतरिम सरकार के मुखिया बने थे। उनका लगभग डेढ़ साल का कार्यकाल विवादों से भरा


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    By Azad Hind Desk फरवरी 17, 2026
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    ढाका: बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के प्रमुख तारिक रहमान ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली है। इसी के साथ बांग्लादेश में यूनुस शासन का अंत हो गया है। मोहम्मद यूनुस शेख हसीना के नेतृत्व वाली सरकार के पतन के बाद अंतरिम सरकार के मुखिया बने थे। उनका लगभग डेढ़ साल का कार्यकाल विवादों से भरा रहा। यूनुस ने अपने पूरा कार्यकाल शेख हसीना से दुश्मनी साधने में गुजार दी। इस चक्कर में उन्होंने भारत-बांग्लादेश संबंधों को गर्त में पहुंचा दिया। लेकिन, मोहम्मद यूनुस की सबसे ज्यादा आलोचना बांग्लादेश-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर की जा रही है।

    बांग्लादेश-अमेरिका व्यापार समझौते पर विवाद क्यों?

    9 फरवरी को मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते किया था। यह समझौता तब किया गया, जब बांग्लादेश में चुनाव को सिर्फ 3 दिन बचे थे। उन्होंने इतना भी इंतजार नहीं किया कि ऐसे समझौते को लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार के लिए छोड़ा जाए, जो सीधे अवाम के प्रति उत्तरदायी होगी। इसके उलट, उन्होंने अमेरिका के साथ कड़ी गोपनीयता बनाते हुए व्यापार समझौता किया, जिसके नियम-शर्तों के बारे में कोई भी सार्वजनिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में बांग्लादेश-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

    तारिक रहमान के लिए क्यों बढ़ेंगी मुश्किलें?

    समझौते के बाद यूनुस सरकार ने दावा किया था कि अमेरिका के लगाए गए पारस्परिक शुल्कों में कटौती से बांग्लादेश के निर्यात बाजार को संरक्षित करने में मदद मिलेगी। ऐसा कहा जा रहा है कि बांग्लादेश ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते में राष्ट्रीय सुरक्षा और भू-राजनीति से संबंधित रणनीतिक शर्तों को शामिल किया है। ऐसे में यूनुस सरकार के इरादों पर शक और ज्यादा बढ़ गया है। हालांकि, यह तारिक रहमान के लिए सिरदर्द साबित हो सकता है, क्योंकि वह अब चाहकर भी अमेरिका से व्यापार समझौते की शर्तों पर मोलभाव नहीं कर सकते हैं।

    बांग्लादेशी उत्पादों पर 34.5 प्रतिशत अमेरिकी शुल्क

    अर्थशास्त्री कल्लोल मुस्तफा के अनुसार, इस समझौते के तहत, बांग्लादेशी निर्यात पर अमेरिका द्वारा लगाए गए पारस्परिक शुल्क को 20 प्रतिशत से घटाकर 19 प्रतिशत कर दिया गया है । अमेरिकी बाजार में प्रवेश के लिए मौजूदा औसत सामान्य शुल्क दर 15.5 प्रतिशत है। इसके अतिरिक्त, 19 प्रतिशत का एक और पारस्परिक शुल्क लगाया जाएगा। इसका मतलब है कि अमेरिकी बाजार में बांग्लादेशी उत्पादों पर कुल शुल्क 34.5 प्रतिशत होगा ।

    बांग्लादेश में कितने अमेरिकी उत्पादों पर मिलेगी छूट?

    कल्लोल मुस्तफा ने द डेली स्टार में लिखा कि अंतरिम सरकार ने उन रियायतों का खुलासा नहीं किया है जो बांग्लादेश को देनी होंगी, लेकिन अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (USTR) द्वारा जारी एक अनुबंध से पता चलता है कि देश को एक छोटी सी शुल्क रियायत के बदले में कई तरह की शर्तों में उलझा दिया गया है। इस समझौते के तहत, बांग्लादेश अमेरिका के 6,710 उत्पादों पर शुल्क में छूट देगा , जबकि बदले में उसे 1,638 उत्पादों पर शुल्क में छूट मिलेगी। इनमें से 4,500 अमेरिकी उत्पाद समझौते के लागू होने के दिन से ही बांग्लादेश में शुल्क-मुक्त प्रवेश का लाभ उठा सकेंगे

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