बांग्लादेश में हर साल 1 अक्टूबर से 31 मार्च तक सेंट मार्टिन में टूरिस्टों को आने की इजाजत होती है। पर्यावरण का हवाला देते हुए इस साल यह अवधि घटाकर 31 जनवरी कर दी गई है। बीच पर मोटरसाइकिल और दूसरे मोटर वाले वाहनों की इजाजत भी नहीं होगी। इस बीच बांग्लादेश के वरिष्ठ पत्रकार सलाहुद्दीन शोएब चौधरी ने सनसनीखेज दावा करते हुए कहा है कि अमेरिकी युद्धपोत सेंट मार्टिन द्वीप की ओर बढ़ रहे हैं।
क्या यूनुस ने किया समझौता
सेंट मार्टिन बंगाल की खाड़ी के उत्तरपूर्वी भाग में छोटा सा द्वीप है, जो कॉक्स बाजार टेकनाफ प्रायद्वीप से 9 किमी दक्षिण में है। बांग्लादेश का ये द्वीप भारत की सीमा के करीब है, जिस पर अमेरिका की लंबे संमय से नजर है। बंगाल की खाड़ी में मौजूद होने के चलते यह द्वीप रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। अमेरिका इस द्वीप पर बेस बनाकर चीन के खिलाफ इलाके में अपनी सैन्य उपस्थिति चाहता हैं।
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने जुलाई 2024 में अपनी सरकार के खिलाफ हुए प्रदर्शनों में सेंट मार्टिन द्वीप का अहम रोल बताया था। हसीना ने दावा किया था कि उन्होंने इस द्वीप को अमेरिका को देने से इनकार कर दिया था। ऐसे में उनकी सरकार गिराने की साजिश रची गई। हसीना ने कहा था कि उनके बाद सत्ता में बैठाए गए यूनुस अमेरिका को सेंट मार्टिन द्वीप को देने के लिए तैयार हो गए हैं।
हसीना का अंदेशा हुआ सच
शेख हसीना ने अपनी सरकार गिरने के बाद साफतौर पर कहा था कि उन्होंने सत्ता खो दी लेकिन सेंट मार्टिन पर समझौता नहीं किया क्योंकि इससे पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ता। हालांकि यूनुस इस द्वीप को अमेरिका को दे देंगे क्योंकि उनकी इसकी फिक्र नहीं है। सलाहुद्दीन चौधरी के इस द्वीप पर अमेरिकी जहाजों के आने के दावे में अगर सच्चाई है तो फिर शेख हसीना का डर सच साबित हो गया है।













