चंचल चंद्र भौमिक, मूल रूप से कुमिल्ला जिले के लक्ष्मीपुर गांव का रहने वाला था और काम के सिलसिले में नरसिंगदी में रह रहा था। चंचल अपने परिवार में इकलौता कमाने वाला था। उसके पिता की मौत हो गई थी और उसकी मां बीमार रहती है। उसके बड़े भाई विकलांग हैं, जो उसी पर निर्भर है। वह पिछले छह सालों से नरसिंगदी के एक लोकल गैरेज में काम कर रहा था और वहीं रहता था। यह घटना नरसिंगदी पुलिस लाइंस के पास मस्जिद मार्केट इलाके में हुई है। चश्मदीदों और स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, हमला शुक्रवार देर रात हुआ जब चंचल गैरेज के अंदर सो रहा था। हमलावरों ने कथित तौर पर दुकान के शटर पर बाहर से पेट्रोल डालकर आग लगा दी, जिससे आग तेजी से अंदर फैल गई और वो जिंदा जल गया।
बांग्लादेश में हिंदू युवक को जिंदा जलाकर मारा
स्थानीय निवासियों और गैरेज मालिक ने कहा है कि मृतक चंचल को एक सीधा-सादा और ईमानदार युवक बताया है। उन्होंने कहा कि उसकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। परिवार और पड़ोसी दोनों का मानना है कि यह हत्या सोची-समझी साजिश थी और इसके पीछे मजहबी नफरत हो सकती है। बांग्लादेश में पिछले दो सालों से हिंदुओं के खिलाफ नफरत की हवा बह रही है। वहां के नफरती तत्व देश से हिंदुओं का नामोनिशान मिटाना चाह रहे हैं। कई मौलाना हिंदू उम्मीदवारों को वोट देना हराम बता रहे हैं। पिछले साल दिसंबर में दीपू चंद्र दास और खोकन चंद्र दास को भी जलाकर मार डाला गया था। इन घटनाओं ने पूरे देश में हिंदू समुदाय के बीच डर का माहौल बना दिया है।
31 दिसंबर को बांग्लादेश के शरियतपुर जिले में भीड़ ने हमला कर 50 साल के बंगाली हिंदू दुकानदार खोकन दास की पीट पीटकर हत्या कर दी थी। वो एक दवा दुकान चलाते थे। उन्हें दुकान से वापस अपने घर लौटते वक्त चाकू मारा गया और फिर पेट्रोल डालकर आग के हवाले कर दिया गया। इससे पहले, उन्मादियों की भीड़ ने गारमेंट वर्कर दीपू चंद्र दास को पीट-पीटकर मार डाला था और उसे नंगा करके उसके शरीर को आग लगा दी थी। इस हमले के बाद भारत और बांग्लादेश के संबंध काफी खराब हो गये। हिंदुओं की हत्याओं के बाद ही आईपीएल से बांग्लादेशी खिलाड़ी को बाहर निकाला गया और अब बांग्लादेश वर्ल्ड कप से ही बाहर निकल गया है।













