‘हादसे की जांच निश्चित समय में पूरी होगी’
हैदराबाद में विंग्स इंडिया 2026 के मौके पर मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इंवेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) और डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) दुर्घटना स्थल पर पहुंच चुकी है और वहां से हादसाग्रस्त विमान का ब्लैक बॉक्स भी बरामद कर लिया गया है। उन्होंने कहा, ‘ब्लैक बॉक्स मिल चुका है और जांच की प्रक्रिया चल रही है। इस बार हम एक सख्त टाइमलाइन का पालन करेंगे, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि रिपोर्ट जल्दी से जल्दी पूरी हो जाए।’
फायर फाइटर्स की गैरमौजूदगी पर दिया जवाब
जब उनसे यह पूछा गया कि विमान हादसे के समय बारामती एयरपोर्ट पर फायर फाइटर्स क्यों मौजूद नहीं थे। इसपर मंत्री ने बताया कि उस एयरस्ट्रिप का इस्तेमाल मुख्य रूप से फ्लाइंग ट्रेनिंग स्कूल ही करते हैं। उनके मुताबिक फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन (FTO) के लिए जो भी सुविधाएं चाहिए, वहां मौजूद हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इस एयरस्ट्रिप का संचालन नॉन-शेड्यूल ऑपरेटर्स परमिट(NSOP) के आधार पर होता है, कमर्शियल एविएशन के लिए नहीं।
‘एविएशन सेफ्टी प्रोटोकॉल में भारत बेहतर’
बारामती एयरपोर्ट का इस्तेमाल वीआईपी उड़ानों के लिए होता है, लेकिन यहां विमानन की सुविधाएं सीमित हैं, क्योंकि इसका इस्तेमाल अधिकतर फ्लाइंग ट्रेनिंग में ही होता है। नायडू ने कहा, ‘जब हम एक एनएसओपी स्ट्रिप को कमर्शियल एयरपोर्ट के रूप में लाइसेंस देते हैं, तब कई चीजें जरूर करनी पड़ती हैं, जिसे हम सुनिश्चित कराते हैं। लेकिन, इस फैसिलिटी का इस्तेमाल खासतौर पर एनएसओपी के तहत फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गेजाइशन के लिए होता है।’ नायडू का कहना है कि भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों में गिना जाता है, जो एविएशन सेफ्टी प्रोटोकॉल में सुरक्षित गिना जाता है।
अजित पवार समेत पांच की हुई हादसे में मौत
अजित पवार और चार अन्य लोगों की 28 जनवरी, 2026 को एक चार्टर्ड विमान हादसे में मौत गई। विमान बारामती एयरपोर्ट के टेबलटॉप रनवे से मात्र 200 मीटर की ही दूरी पर था, तभी यह क्रैश लैंड कर गया। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र सरकार ने केंद्र को इस घटना की जांच के लिए लिखा है और उसी आधार पर जांच चल रही है। (इनपुट-पीटीआई)














