पाकिस्तान के ‘मुस्लिम ब्रदर’ यूएई पर बोलते हुए अबसार ने कहा, ‘टीटीपी और बीएलए के लोगों ने यूएई और कतर में बड़े पैमाने पर जायदाद ले रखी हैं। पाकिस्तान में दहशतगर्दी की वजह बने गुटों के ज्यादातर बड़े नेता या तो यूएई के दुबई और अबुधाबी में हैं या फिर कतर में बहुत मजे के साथ रह रहे हैं। वहां इन गुटों के नेताओं ने बड़े-बड़े घर बना रखे हैं और गाड़ियां ले रखी हैं।’
ये पैसे का खेल है
आलम ने आगे कहा, ‘यूएई और कतर ने यमन और सूडान में भी हिंसा करने वाले गुटों को बढ़ावा दिया है। इसकी एक बड़ी वजह पैसा है। इन देशों से यूएई सोना निकाल रहा है। वहीं पाकिस्तान में वह सीपीईसी और ग्वादर जैसे अहम प्रोजोक्ट को खटाई में डाल रहा है। इतना ही नहीं यूएई का इस्तेमाल करते हुए इजरायल ने अरब और मुस्लिम दुनिया में एक फूट डाल दी है।’
अबसार आलम ने ये भी कहा कि पाकिस्तान के लोगों ने यूएई को बनाने में अहम किरदार निभाया है। वहीं पाकिस्तान की ब्लैक मनी का भी एक अहम ठिकाना यूएई है। पाकिस्तानी अपनी ब्लैक मनी को अक्सर दुबई और अबू धाबी जैसे शहरों में ही खर्च करते हैं। सारे फ्रॉड लोग और स्मगलर के लिए दुबई सबसे अच्छा ठिकाना है।
पाकिस्तान के यूएई से अच्छे संबंध रहे हैं। यूएई से पाकिस्तान को आर्थिक मदद भी मिलती रही है। वहीं सऊदी के साथ भी पाकिस्तान के अच्छे संबंध हैं। हालिया दिनों में यूएई और सऊदी के संबंधों में तनाव आया है। ऐसे में लगता है कि पाकिस्तानी एक्सपर्ट यूएई को घेरते हुए सऊदी की तरफ खुलकर जाना चाहते हैं।














