क्या कहता है बैंगनी रंग
बैंगनी रंग महिला सशक्तीकरण, गरिमा, न्याय और समानता का प्रतीक माना जाता है। यह रंग अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस और नारी अधिकार आंदोलन से भी जुड़ा रहा है। ऐसे में इशारा है कि क्या इस बजट में महिलाओं के लिए विशेष योजनाएं, शिक्षा, स्वास्थ्य या आर्थिक सहायता पर फोकस रहेगा। निर्मला सीतारमण की यह परंपरा साल 2019 के बजट से चली आ रही है, जहां हर बजट में वह अलग-अलग राज्यों की साड़ियां चुनती हैं। यह न केवल शिल्प कौशल को सम्मान देता है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिलाओं की भागीदारी को भी हाइलाइट करता है।
बजट 2025
पेश करते समय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऑफ-व्हाइट मधुबनी साड़ी का चयन किया था, जो मछली जैसे पारंपरिक रूपांकनों से सजी हुई थी। यह खास साड़ी पद्म श्री से सम्मानित मधुबनी कलाकार दुलारी देवी ने उन्हें उपहार में दी थी। साड़ी बिहार की समृद्ध लोक कला को उजागर करती और हथकरघा परंपरा को मजबूती से बढ़ावा देती नजर आती है।
बजट 2024
पेश करते समय वित्त मंत्री ने पश्चिम बंगाल की नीली तुसार रेशम साड़ी पहनी थी। इस साड़ी पर बारीक कंथा कढ़ाई का खूबसूरत काम किया गया था। यह पोशाक क्षेत्रीय हथकरघा कला और उन कारीगरों के योगदान को खास तौर पर रेखांकित करती है, जो भारत की पारंपरिक बुनाई- कढ़ाई को बखूबी पेश कर रहे हैं।
बजट 2023
इस बार निर्मला सीतारमण ने कर्नाटक की इलकल बुनाई वाली लाल हथकरघा रेशमी साड़ी का चयन किया। इस साड़ी में काले बॉर्डर पर सोने की जरी का काम और पारंपरिक कसूती कढ़ाई खूबसूरती से की गई थी। यह क्लासिक भारतीय शैली का शानदार उदाहरण रही।
बजट 2022
बजट पेश करने के लिए वित्त मंत्री ने ओडिशा की बोमकाई साड़ी पहनी, गहरे भूरे रंग में पारंपरिक हथकरघा कला। यह स्थानीय कारीगरों के संरक्षण और सदियों पुरानी बुनाई परंपरा को बढ़ावा देने का सशक्त संदेश रहा।
बजट 2021
इस बार उन्होंने तेलंगाना की पोचमपल्ली इक्कट सिल्क साड़ी का चुनाव किया, लाल और ऑफ-व्हाइट रंग में हरे बॉर्डर के साथ ज्यामितीय डिजाइन वाली साड़ी भारतीय शिल्प का सुंदर उदाहरण था।
बजट 2020
महामारी के दौर में उन्होंने चमकीली पीली रेशमी साड़ी पहनी थी, जिसमें हरा बॉर्डर था। पीला रंग समृद्धि और आशा का प्रतीक है, जो चुनौतियों के बीच आर्थिक रूप से उबरने की उम्मीद जताता है।
बजट 2019
पहली बार बजट पेश करते हुए निर्मला सीतारमण ने चमकीली गुलाबी मंगलगीरी साड़ी का चुनाव किया था, जिसमें सुनहरा बॉर्डर था।













