• Business
  • भारत-ईयू के बीच ट्रेड डील हो गई फाइनल, पीएम मोदी ने खुद किया ऐलान, बताया मदर ऑफ ऑल डील्स

    नई दिल्ली: भारत और ईयू के बीच ट्रेड डील हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया एनर्जी वीक को संबोधित करते हुए यह घोषणा की। उन्होंने इसे मदर ऑफ ऑल डील्स बताते हुए कहा कि यह समझौता भारत के लिए बड़ा अवसर लेकर आया है। इससे दुनिया का भारत पर भरोसा और बढ़ेगा। यह


    Azad Hind Desk अवतार
    By Azad Hind Desk जनवरी 27, 2026
    Views
    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement
    नई दिल्ली: भारत और ईयू के बीच ट्रेड डील हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया एनर्जी वीक को संबोधित करते हुए यह घोषणा की। उन्होंने इसे मदर ऑफ ऑल डील्स बताते हुए कहा कि यह समझौता भारत के लिए बड़ा अवसर लेकर आया है। इससे दुनिया का भारत पर भरोसा और बढ़ेगा। यह समझौता वैश्विक जीडीपी का 25 फीसदी है। यूरोपियन यूनियन भारत का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है। दोनों देश पिछले कई साल से एफटीए पर बात कर रहे थे।

    मोदी ने भारत-ईयू के बीच ऐतिहासिक समझौते की घोषणा करते हुए कहा, “कल ही भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच एक बहुत बड़ा एग्रीमेंट हुआ है। दुनिया में इसकी चर्चा मदर ऑफ ऑल डील के रूप में हो रही है। यह समझौता भारत और यूरोपीय देशों के करोड़ों लोगों के लिए बहुत बड़ा अवसर लेकर आया है।” उन्होंने कहा कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता, भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौते का पूरक है। इससे विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा और सहायक सेवाओं को लाभ होगा।

    India EU Trade Deal: बहुत पछताएंगे डोनाल्ड ट्रंप! भारत आज EU संग करेगा ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’, जानें समझौते से किसे क्या फायदा

    करोड़ों लोगों को फायदा

    प्रधानमंत्री ने कहा कि यह समझौता दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच तालमेल का एक शानदार उदाहरण है। यह समझौता ग्लोबल जीडीपी के करीब 25% और ग्लोबल ट्रेड के लगभग एक-तिहाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है। यह समझौता ट्रेड के साथ-साथ डेमोक्रेसी और रूल ऑफ लॉ के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता को भी सशक्त करता है।

    भारत और EU ने FTA पर बातचीत 2007 में शुरू की थी। साल 2013 में कुछ मुद्दों को लेकर बातचीत अटक गई। इसके बाद जून 2022 में बातचीत फिर शुरू हुई और अब 18 दौर की वार्ता के बाद FTA फाइनल हुआ है। इस समझौते से भारत के टेक्सटाइल्स, लेदर एंड फुटवियर, जेम्स एंड जूलरी, केमिकल्स और समुद्री उत्पादों जैसी चीजों पर यूरोपियन यूनियन में लगने वाले आयात शुल्क में बड़ी राहत मिलेगी। अभी भारतीय निर्यात पर EU का टैरिफ औसतन 3.8% है, लेकिन समुद्री उत्पादों पर यह 26% तक, केमिकल्स पर 12.8% तक, लेदर गुड्स पर 17% तक है। EU से आने वाली चीजों पर भारत का आयात शुल्क औसतन 9.3% के करीब है।

    Navbharat Timesभारत और यूरोपीय संघ की डील से घबराया तुर्की, एक्सपर्ट ने दी बड़े नुकसान की चेतावनी, कैसे निपटेंगे एर्दोगन

    ऊर्जा की मांग

    उन्होंने कहा कि भारत ऊर्जा क्षेत्र के लिए अवसरों की भूमि है क्योंकि मांग लगातार बढ़ रही है। इस दशक के अंत तक तेल व गैस क्षेत्र में 100 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि भारत जल्द ही विश्व का सबसे बड़ा तेल शोधन केंद्र बन जाएगा जिसकी क्षमता 260 मीट्रिक टन से बढ़ाकर 300 मीट्रिक टन की जाएगी।

    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement

    हर महीने  ₹199 का सहयोग देकर आज़ाद हिन्द न्यूज़ को जीवंत रखें। जब हम आज़ाद हैं, तो हमारी आवाज़ भी मुक्त और बुलंद रहती है। साथी बनें और हमें आगे बढ़ने की ऊर्जा दें। सदस्यता के लिए “Support Us” बटन पर क्लिक करें।

    Support us

    ये आर्टिकल आपको कैसा लगा ? क्या आप अपनी कोई प्रतिक्रिया देना चाहेंगे ? आपका सुझाव और प्रतिक्रिया हमारे लिए महत्वपूर्ण है।