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  • भारत के वार से रो रहा पाकिस्तान, संसद में गूंजा सिंधु जल संधि रोकने से तबाही का मुद्दा, बताया बड़ा खतरा

    इस्लामाबाद: सिंधु जल समझौते को स्थगित किए जाने के भारत के फैसले से पाकिस्तान की तिलमिलाहट कम होने का नाम नहीं ले रही है। पाकिस्तान की संसद में सिंधु जल संधि का मुद्दा गूंजा है। पाकिस्तान के जल संसाधन मंत्रालय ने नेशनल एसेंबली को बताया कि सिंधु जल संधि पर इस्लामाबाद के बार-बार चिंता जताए


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    By Azad Hind Desk जनवरी 22, 2026
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    इस्लामाबाद: सिंधु जल समझौते को स्थगित किए जाने के भारत के फैसले से पाकिस्तान की तिलमिलाहट कम होने का नाम नहीं ले रही है। पाकिस्तान की संसद में सिंधु जल संधि का मुद्दा गूंजा है। पाकिस्तान के जल संसाधन मंत्रालय ने नेशनल एसेंबली को बताया कि सिंधु जल संधि पर इस्लामाबाद के बार-बार चिंता जताए जाने के बावजूद भारत ने कोई जवाब नहीं दिया है। मंत्रालय ने बताया है कि भारत के एकतरफा तरीके से सिंधु जल संधि को स्थगित किए जाने से देश में लाखों एकड़ कृषि भूमि पर संकट गहराने लगा है। इसने बताया कि भारत ने समय सीमा बीत जाने के बाद भी जवाब नहीं दिया है।

    भारत ने संधि पर लगाई रोक

    भारत ने अप्रैल 2025 में कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि पर रोक लगा दी थी। इस आतंकी हमले को पाकिस्तान से जुड़े आतंकियों ने अंजाम दिया था, जिसमें 26 नागरिक मारे गए थे। इस संधि के तहत भारतीय क्षेत्र से होकर बहने वाली तीन पश्चिमी नदियों का पानी पाकिस्तान को मिलता है। वहीं, तीन पूर्वी नदियों के पानी पर भारत को अधिकार है। भारत से जाने वाली नदियों को पाकिस्तान की लाइफलाइन कहा जाता है जो पंजाब प्रांत में कृषि योग्य भूमि के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं।

    पाकिस्तान पर बड़ा खतरा

    पाकिस्तान ने आरोप लगाया है कि भारत नदियों का पानी रोक रहा है जिसके जल स्तर घट रहा है और फसलों के लिए संकट पैदा हो रहा है। जल संसाधन मंत्रालय ने बताया कि चिनाब नदी में पानी की कमी के कारण मराला हेडवर्क्स से निकलने वाली अपर चेनाब नहर के तहत लगभग 14.5 मिलियन एकड़ कृषि भूमि बुरी तरह प्रभावित होगी। इसी तरह खानकी हेडवर्क्स से निकलने वाली नहर से 30.9 लाख एकड़ भूमि पर असर होगा।

    पाकिस्तान बार-बार लगा रहा गुहार

    मंत्रालय ने आगे कहा कि संयुक्त राष्ट्र के विशेष प्रतिनिधियों ने 16 दिसम्बर 2025 तक भारत से सिंधु जल संधि पर जवाब देने को कहा था लेकिन समय सीमा के 34 दिन बाद भी दिल्ली ने कोई जवाब नहीं दिया है। पाकिस्तान ने दिसम्बर 2025 में पानी में असामान्य बहाव को लेकर भारत से संपर्क किया था और जवाब मांगा। पाकिस्तान का सिंधु जल आयुक्त कार्यालय ने 12 दिसम्बर को एक बयान में कहा था कि पाकिस्तान चिनाब नदी के बहाव में असामान्य कमी को लेकर भारत से स्पष्टीकरण चाहता है।

    पाकिस्तान के सिंधु जल आयुक्त ने दावा किया था कि 10 दिसम्बर से 16 दिसम्बर तक चिनाब नदी के बहाव में असाधारण कमी देखी गई। इस दौरान नदी का बहाव बार-बार कम हुआ। एक बार यह 870 क्यूसेक के निचले स्तर तक पहुंच गया। इसने भारत पर पानी रोकने का आरोप लगाया और कहा कि 8 दिसम्बर को सैटेलाइट तस्वीर में बगलिहार बांध की झील में सतह क्षेत्र काफी कम था जो 13 दिसम्बर 2025 को बढ़ा हुआ दिखाई दिया।

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