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  • भारत को ‘सुरक्षा कवच’ देगा इजरायल! रक्षा क्षेत्र में बड़ी डील की संभावना; खास मिशन पर काम कर रहे दोनों देश

    नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजरायल दौरे पर हैं और इस दौरान बड़ा फोकस डिफेंस पर रहने की उम्मीद है। रक्षा क्षेत्र में सहयोग के साथ ही ड्रोन, प्रिसिशन गाइडेड एम्युनिशन, डायरेक्ट एनर्जी वेपन पर फोकस रह सकता है। इजरायल की रक्षा ब्रिकी में भारत एक बड़ा कस्टमर है। साल 2020 से 2024 के बीच


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    By Azad Hind Desk फरवरी 25, 2026
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    नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजरायल दौरे पर हैं और इस दौरान बड़ा फोकस डिफेंस पर रहने की उम्मीद है। रक्षा क्षेत्र में सहयोग के साथ ही ड्रोन, प्रिसिशन गाइडेड एम्युनिशन, डायरेक्ट एनर्जी वेपन पर फोकस रह सकता है। इजरायल की रक्षा ब्रिकी में भारत एक बड़ा कस्टमर है। साल 2020 से 2024 के बीच इजरायल की कुल रक्षा ब्रिकी में भारत की हिस्सेदारी 34 फीसदी रही।

    इजरायल ने भारत को 20.5 अरब डॉलर के हथियार बेचे

    इजरायल रक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक इस दौरान इजरायल ने भारत को कुल 20.5 अरब डॉलर के हथियार बेचे। भारत और इजरायल के संबंध सिर्फ रक्षा सौदों तक ही नहीं है बल्कि इजरायल की लगभग सभी प्रमुख डिफेंस कंपनियों की सब्सिडियरी भारत में है और यहां स्थानीय उद्योगों के साथ मिलकर काम हो रहा है। भारत की सशस्त्र सेनाएं इजरायल के कई वेपन सिस्टम इस्तेमाल कर रही हैं। भारत का फोकस डायरेक्ट एनर्जी वेपन की तरफ भी बढ़ा है। इसलिए इजरायल के आयरन बीम की इस दौरे पर चर्चा होने की उम्मीद जताई जा रही है।

    इजरायली कंपनी राफेल ने आयरन बीम बनाया

    इजरायल की कंपनी राफेल ने आयरन बीम बनाया है। इस डायरेक्ट एनर्जी वेपन को हाल ही में इजरायल ने अपने आयरन डोम में इंटीग्रेट किया है। हाल ही में आयरन बीम की पहली यूनिट इजरायल डिफेंस फोर्सेस (IDF) को मिली है। भारत भी डायरेक्ट एनर्जी वेपन पर काम कर रहा है और डायरेक्ट एनर्जी वेपन तीनों फोर्स की विश लिस्ट में है।

    कैसे काम करता है आयरन बीम

    आयरन बीम में दो टेलिस्कोप हैं, एक से लेजर बीम निकलती है और दूसरे से इसके परफॉर्मेंस पर नजर रखी जा सकती है। इसकी रेंज 10 किलोमीटर है। 10 किलोमीटर दूर से जब दुश्मन का ड्रोन, मिसाइल या रॉकेट आता दिखेगा तो ये आयरन बीम इसे इंटरसेप्ट करेगा और लेजर से किल करेगा। रिएक्शन टाइम महज कुछ सेकंड है। इसकी खासियत ये भी है कि ये आयरन डोम के साथ इंटीग्रेट तो किया ही जा रहा है। साथ ही ये सेपरेट यूनिट के तौर पर भी काम कर सकता है। इसका वजन ज्यादा है तो ये मोबाइल नहीं है, इसे एक जगह पर रखकर इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके कम पावर के वेरिएंट पहले से ही आयरन डोम का हिस्सा हैं।

    भारत के लिए और मजबूत सुरक्षा कवच

    भारत ने भी ऐलान किया है आयरन डोम की तरह की स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम पर काम किया जाएगा, इसका नाम सुदर्शन रखा गया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि 10 साल में यह तैयार कर लिया जाएगा। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के एयर डिफेंस सिस्टम ने पाकिस्तान की तरफ से आए हर खतरे को नष्ट किया था, अब भारत के लिए और मजबूत सुरक्षा कवच तैयार करने पर काम चल रहा है।

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