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  • भारत ने रूस से घटाई तेल की खरीदारी, 15,000 किमी दूर इस देश से दो साल बाद खरीदा क्रूड

    नई दिल्ली: अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने के लिए भारत पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाया है। इससे भारतीय कंपनियों ने अब रूस से खरीदारी कम कर दी है और तेजी से नए स्रोत तलाश रही हैं। ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने दो साल बाद गुयाना से कच्चे तेल का पहला शिपमेंट


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    By Azad Hind Desk जनवरी 21, 2026
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    नई दिल्ली: अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने के लिए भारत पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाया है। इससे भारतीय कंपनियों ने अब रूस से खरीदारी कम कर दी है और तेजी से नए स्रोत तलाश रही हैं। ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने दो साल बाद गुयाना से कच्चे तेल का पहला शिपमेंट लिया है। साथ ही जनवरी में सऊदी अरब से आयात में लगभग एक तिहाई की बढ़ोतरी की गई है।

    ग्लोबल रियल-टाइम डेटा और एनालिटिक्स प्रोवाइडर केप्लर के अनुसार जनवरी के पहले पखवाड़े में भारतीय रिफाइनरियों ने गुयाना से रोजाना 297,000 बैरल प्रति दिन कच्चा तेल खरीदा। गुयाना तेजी से एक नया वैश्विक तेल उत्पादक बनकर उभर रहा है। वहां तेल के बड़े भंडार मिले हैं और उत्पादन भी तेजी से बढ़ रहा है। हालांकि, लंबी शिपिंग दूरी के कारण गुयाना भारत के लिए तेल का पसंदीदा स्रोत नहीं रहा है।

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    गुयाना से इम्पोर्ट

    लेकिन रूस से तेल की आपूर्ति कम होने के कारण, भारतीय रिफाइनरियां अब गुयाना को एक महत्वपूर्ण विकल्प के रूप में देख रही हैं। इस महीने भारत में तेल की मजबूत मांग को देखते हुए पश्चिम एशिया के सऊदी अरब और इराक से तथा अफ्रीका के नाइजीरिया और अंगोला से भी कच्चे तेल का आयात बढ़ा है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता और आयातक देश है।

    हालांकि रूस अब भी भारत का सबसे बड़ा क्रूड सप्लायर बना हुआ है। जनवरी के पहले पखवाड़े में रूस से रोजाना लगभग 1.179 मिलियन बैरल तेल आया जो पिछले महीने की तुलना में लगभग 3 प्रतिशत कम है। यह 2025 के औसत से लगभग 30% कम है। केप्लर के आंकड़ों के मुताबिक इराक से आयात 18 प्रतिशत बढ़कर रोजाना लगभग 1.071 मिलियन बैरल हो गया। वहीं, सऊदी अरब से रोजाना आयात 36% बढ़कर लगभग 954,000 बैरल तक पहुंच गया।

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    अमेरिका से आयात

    नाइजीरिया से आपूर्ति पिछले महीने की तुलना में लगभग दोगुनी होकर लगभग 305,000 बैरल हो गई जबकि अंगोला से आयात लगभग तीन गुना बढ़कर लगभग 195,000 बैरल हो गया। दूसरी ओर, संयुक्त अरब अमीरात से आयात 40% घटकर लगभग 352,000 बैरल रह गया। वहीं, अमेरिका से शिपमेंट जनवरी के पहले पखवाड़े में लगभग 349,000 बैरल पर लगभग स्थिर रहा।

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