• Sports
  • भारत-पाक मैच पर संकट, श्रीलंका के पर्यटन उद्योग को लग सकता है करोड़ों का झटका

    कोलंबो: पाकिस्तान सरकार द्वारा 15 फरवरी को भारत के खिलाफ टी20 विश्व कप मैच न खेलने के फैसले ने श्रीलंका की राजधानी कोलंबो के पर्यटन जैस क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। 2 फरवरी 2026 को सामने आए इस घटनाक्रम के बाद कोलंबो के उन व्यापारियों और निवेशकों की चिंताएं बढ़ गई हैं, जिन्होंने इस


    Azad Hind Desk अवतार
    By Azad Hind Desk फरवरी 2, 2026
    Views
    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement
    कोलंबो: पाकिस्तान सरकार द्वारा 15 फरवरी को भारत के खिलाफ टी20 विश्व कप मैच न खेलने के फैसले ने श्रीलंका की राजधानी कोलंबो के पर्यटन जैस क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। 2 फरवरी 2026 को सामने आए इस घटनाक्रम के बाद कोलंबो के उन व्यापारियों और निवेशकों की चिंताएं बढ़ गई हैं, जिन्होंने इस हाई-प्रोफाइल मैच को अपनी अर्थव्यवस्था के लिए बूस्टर डोज के रूप में देखा था।

    होटल और एयरलाइंस पर मंडराया संकट

    भारत-पाकिस्तान का मुकाबला सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि एक बड़ा आर्थिक अवसर होता है। 15 फरवरी के इस मैच के लिए कोलंबो के प्रमुख होटलों में महीनों पहले से एडवांस बुकिंग हो चुकी थी। हजारों की संख्या में फैंस, मीडियाकर्मियों और इंटरनेशनल प्रायोजकों के कोलंबो पहुंचने की उम्मीद थी। मैच रद्द होने की आशंका से अब बड़े पैमाने पर बुकिंग रद्द होने का सिलसिला शुरू हो सकता है। यही स्थिति एयरलाइंस की भी है, जिन्होंने इस मैच के लिए विशेष यात्रा पैकेज और अतिरिक्त उड़ानें निर्धारित की थीं।

    श्रीलंकाई अर्थव्यवस्था को बड़ा नुकसान

    श्रीलंका की अर्थव्यवस्था, जो हाल के सालों में धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही है, काफी हद तक पर्यटन पर निर्भर है। उद्योग के जानकारों का मानना है कि यदि यह मैच नहीं होता है, तो स्थानीय व्यवसायी, टूर ऑपरेटर और छोटे दुकानदारों को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ेगा। इस मेगा इवेंट के जरिए श्रीलंका को विदेशी मुद्रा की बड़ी आवक की उम्मीद थी, जो अब अनिश्चितता के भंवर में है।

    श्रीलंका क्रिकेट और आईसीसी की चिंता

    सूत्रों के अनुसार, श्रीलंका क्रिकेट इस मामले पर बेहद बारीकी से नजर रख रहा है। अधिकारी इस बात का आकलन कर रहे हैं कि मैच न होने की स्थिति में उन्हें कितने वित्तीय और लॉजिस्टिक नुकसान का सामना करना पड़ेगा। श्रीलंका क्रिकेट इस संबंध में आईसीसी के सामने अपनी औपचारिक चिंताएं व्यक्त करने की योजना बना रहा है, क्योंकि एक मेजबान के तौर पर उन्होंने इस मैच के लिए भारी सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां की थीं। यह घटना दर्शाती है कि अंतरराष्ट्रीय खेल में लिए गए राजनीतिक और प्रशासनिक फैसले मेजबान देशों के लिए कितने दूरगामी परिणाम ला सकते हैं। किसी एक टीम का टूर्नामेंट के मुख्य मैच से पीछे हटना न केवल खेल भावना को आहत करता है, बल्कि उस देश की आर्थिक गतिविधियों को भी चोट पहुंचाता है जो वैश्विक आयोजनों से विकास की उम्मीद लगाए बैठा होता है।

    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement

    हर महीने  ₹199 का सहयोग देकर आज़ाद हिन्द न्यूज़ को जीवंत रखें। जब हम आज़ाद हैं, तो हमारी आवाज़ भी मुक्त और बुलंद रहती है। साथी बनें और हमें आगे बढ़ने की ऊर्जा दें। सदस्यता के लिए “Support Us” बटन पर क्लिक करें।

    Support us

    ये आर्टिकल आपको कैसा लगा ? क्या आप अपनी कोई प्रतिक्रिया देना चाहेंगे ? आपका सुझाव और प्रतिक्रिया हमारे लिए महत्वपूर्ण है।