वायरल वीडियो के जरिए दावा किया जा रहा है कि दुबई पुलिस की तरफ से होस्ट किए गए प्रतियोगिता के दौरान दोनों टीमों के बीच सीधा आमने-सामने का टैक्टिकल मुकाबला हुआ था, जिसमें चीन की महिला टीम ने भारतीय पुरूष टीम को पीछे छोड़ दिया। लेकिन ये दावा पूरी तरह से गलत है। आपको बता दें कि UAE SWAT चैलेंज 7 फरवरी से 11 फरवरी तक दुबई के अल रुवैया ट्रेनिंग सिटी में हो रहा है। इस इवेंट में 52 देशों की 118 एलीट SWAT और स्पेशल फोर्स टीमें एक साथ आई हैं। इसे असल दुनिया में ऑपरेशनल रेडीनेस को टेस्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है।
India Vs China SWAT चैलेंज Viral Video क्या दावे हैं
इस वीडियो में UAE SWAT प्रतियोगिता के दौरान एक टैक्टिकल इवेंट की शुरुआत दिखाई गई है, जहां टीमों की स्पीड, कोऑर्डिनेशन, सटीकता और प्रेशर में उनकी क्षमता को टेस्ट किया जाता है। जैसे ही इवेंट शुरू होता है पूरी तरह से महिला चीनी SWAT टीम शुरुआती बढ़त लेती हुई दिखती है। इस दौरान मुश्किल फिजिकल चैलेंज जैसे बैरियर और पतले रास्ते शामिल दिखाई देते हैं, जिसके बाद लाइव-फायर शूटिंग ड्रिल होती हैं। इन सेगमेंट में, चीनी टीम काफी आगे दिखती है।
जबकि इसके उलट, वीडियो में दिखाई गई पुरुषों की भारतीय टीम को कुछ स्टेज पर थोड़ी देर की देरी का सामना करते देखा जा रहा है। वीडियो फुटेज में चीनी टीम की तुलना में भारतीय टीम में कम तालमेल और उनके ऑपरेशन में धीमापन दिखाया जाता है। फायरिंग सेगमेंट के दौरान भारतीय टीम को अपनी जगह पर पर तैयार होने में ज्यादा समय लगता है, जिससे उनकी पूरी स्पीड पर असर पड़ता है। जैसे-जैसे चैलेंज आगे बढ़ता है दोनों टीमों के बीच का अंतर बढ़ता जाता है। क्लिप के आखिर तक चीनी टीम को विजेता की तरह पेश किया जाता है। इसी तरह का एक और वीडियो और वायरल किया गया है, जिसमें चीन की महिला टीम को अमेरिकी की पुरूष टीम को हराते हुए पेश किया गया है।
भारत बनाम चीन SWAT चैलेंज वायरल वीडियो की सच्चाई
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस वायरल वीडियो के साथ एक कम्युनिटी नोट भी दिखता है। जिसमें इस वीडियो के साथ किए जा रहे दावों पर सवाल उठाया गया है। इस कम्युनिटी नोट में कहा गया है कि “गुमराह करने वाली कहानी। यह दावा बिना किसी तथ्य के भारत को टारगेट करता है। यह क्लिप UAE SWAT चैलेंज के अलग-अलग स्टेज के वीडियो को एडिट करके आपस में मिक्स किया गया है, जो अलग-अलग कैटेगरी वाले कई दिनों में आयोजित किए गये अलग अलग इवेंट से लिए गये हैं। जबकि आधिकारिक तौर पर भारत के पुरूष और चीन की महिला SWAT टीमों के बीच कोई मुकाबला हुआ है, ऐसा रिकॉर्ड में नहीं है।” यानि हकीक ये है कि भारत की पुरूष टीम और चीन की महिला टीम के बीच कोई मुकाबला ही नहीं हुआ था।
इस वीडियो को बहुत सावधानी से भारत की क्षमता पर सवाल उठाने के लिए एडिट किया गया है और अब पाकिस्तान और चीन के सोशल मीडिया हैंडलर्स इसे वायरल कर रहे हैं। इसके अलावा पोस्ट में आगे दावा किया गया कि कमेंटेटर ने बार-बार कजाख टाइमिंग का जिक्र किया और महिलाओं का टास्क, पहला लोड छोड़ने के तुरंत बाद खत्म हो गया, जबकि भारतीय पुरुषों का रन जारी रहा। यानि इस वायरल वीडियो में भारत और चीन के बीच प्रतियोगिता चल रही है और कजाकिस्तान की महिलाओं का जिक्र हो रहा है। इसमें अलग अलग इंवेंट के वीडियो को एडिट करके दोड़ा गया है और लोगों को गुमराह किया जा रहा है।














