जापान का वीजा आमतौर पर भारतीयों को देश में 90 दिनों तक रहने की अनुमति देता है। दूसरे देश जापानी वीजा को भरोसे की निशानी के तौर पर पहचान दे रहे हैं। इसकी वजह जापान की वीजा आवेदकों पर कड़ी जांच करना है। ऐसे में पड़ोसी देशों ने जापानी वीजा वाले भारतीयों को आसान शर्तों पर एंट्री देने का फैसला लिया है।
भारतीयों को कैसे होगा फायदा
भारतीय वीजाधारकों को सबसे बड़े फायदों में से एक एशिया के कई देशों में यात्रा की इजाजत है। वैलिड जापान वीजा वाले भारतीय पासपोर्ट धारक शुरुआती 14 दिनों के लिए बिना वीजा के फिलीपींस जा सकेंगे, जिसे सात दिनों के लिए बढ़ाया जा सकता है। हालांकि इसके लिए पासपोर्ट कम से कम छह महीने के लिए वैलिड होना और आवेदक के पास वापसी या आगे का टिकट होना जरूरी है।
सिंगापुर भी जापान के वीजा पर एक फ्रेंडली स्टॉपओवर देता है। अपनी वीजा फ्री ट्रांजिट फैसिलिटी के तहत जिन भारतीयों का जापान वीजा कम से कम एक महीने के लिए वैलिड है, वे बिना अलग वीजा के शहर-राज्य में 96 घंटे तक रह सकते हैं। यह मल्टी-सिटी रूट पर यात्रा करने वालों के लिए एक बड़ा फायदा है।
एशिया के बाहर भी फायदा
ताइवान भारतीयों को एक खास यात्रा ऑथराइजेशन डॉक्यूमेंट का इस्तेमाल करके एंट्री करने देता है। उनके पास जापान वीजा है तो 90 दिनों की अवधि में कई बार 14 दिनों तक रहने की अनुमति मिलती है। इस वीजा के फायदे एशिया से आगे भी हैं। जॉर्जिया किसी भी 180-दिन की अवधि में 90 दिनों तक जापान वीजा वाले भारतीय यात्रियों का स्वागत करता है।
मोंटेनेग्रो इसी तरह की व्यवस्था के तहत 30 दिनों तक रहने की अनुमति देता है। लैटिन अमेरिका में मेक्सिको भारतीयों को 180 दिनों तक बिना अलग वीजा के एंट्री करने देता है। UAE में वैलिड जापान वीजा वाले भारतीय पासपोर्ट धारकों को वीजा-ऑन-अराइवल मिल सकता है।














