ओएफएस के लिए शेयर की कीमत 254 रुपये रखी गई है जो पिछले बंद भाव से 8 फीसदी कम है। ऑफर के तहत केंद्र सरकार पहले 3 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी और अगर यह इश्यू ओवरसब्सक्राइब्ड हुआ तो फिर 2 फीसदी अतिरिक्त हिस्सेदारी बेचने का भी विकल्प रहेगा। यह ऑफर आज नॉन-रिटेल इनवेस्टर्स के लिए ओपन हो गया। रिटेल इनवेस्टर्स गुरुवार को बोली लगा सकते हैं।
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कितना है साइज?
अगर यह पूरी तरह सब्सक्राइब होता है तो 17.41 करोड़ शेयरों की बिक्री से सरकार को 4,422 करोड़ रुपये मिलेंगे। बेस इश्यू साइज 10.44 करोड़ यानी तीन फीसदी है जबकि 6.96 करोड़ यानी दो फीसदी का ग्रीनशू ऑप्शन है। सरकार की इस कंपनी में 63.17% हिस्सेदारी है। सरकार इस साल अब तक इस फाइनेंशियल ईयर में पीएसयू में विनिवेश से 8,768 करोड़ रुपये जुटा चुकी है।













