• Entertainment
  • मीरा चोपड़ा Exclusive: बहन प्रियंका चोपड़ा को अपनी फिल्म में लेना अफोर्ड नहीं कर सकती

    मीरा चोपड़ा साउथ और बॉलीवुड फिल्मों के अलावा प्रियंका चोपड़ा की कजिन बहन के तौर पर पहचानी जाती हैं। शादी के बाद वह फिल्मों से दूर थीं लेकिन अब बतौर फिल्ममेकर उन्होंने साइलेंट फिल्म ‘गांधी टॉक्स’ के साथ वापसी की। हमसे खास बातचीत में उन्होंने अपने करियर, प्रियंका चोपड़ा की सलाह सहित कई विषयों पर


    Azad Hind Desk अवतार
    By Azad Hind Desk फरवरी 17, 2026
    Views
    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement
    मीरा चोपड़ा साउथ और बॉलीवुड फिल्मों के अलावा प्रियंका चोपड़ा की कजिन बहन के तौर पर पहचानी जाती हैं। शादी के बाद वह फिल्मों से दूर थीं लेकिन अब बतौर फिल्ममेकर उन्होंने साइलेंट फिल्म ‘गांधी टॉक्स’ के साथ वापसी की। हमसे खास बातचीत में उन्होंने अपने करियर, प्रियंका चोपड़ा की सलाह सहित कई विषयों पर बात की।

    बतौर फिल्ममेकर डेब्यू करने के बाद क्या वह आगे अपनी फिल्म में बहन प्रियंका चोपड़ा को कास्ट करने के बारे में सोचती हैं। इस सवाल के जवाब में उन्होंने हंसते हुए कहा, ‘नहीं…नहीं। अभी तो मैं वो नहीं कर सकती। मैं अभी उनको एफोर्ड ही नहीं कर सकती हूं। मैं कभी सपने में भी ऐसा नहीं सोचती हूं। हां जब बड़ी फिल्ममेकर बन जाऊंगी तो एक दिन अपनी फिल्म में प्रियंका को कास्ट करना चाहूंगी।’

    ‘फिल्म बनाने के लिए प्रियंका ने किया प्रेरित’

    बिजनेस में हाथ आजमाने के मीरा के फैसले पर बहन प्रियंका चोपड़ा का क्या रिएक्शन था? इस बारे में वह बताती हैं, ‘मैंने सीधे उन्हें अपनी फिल्म (गांधी टॉक्स) का टीजर भेजा। मैंने उनको बताया कि ये फिल्म मैंने प्रोड्यूस की है। उनको इस पर बहुत गर्व महसूस हुआ। प्रियंका का व्यवहार कुछ ऐसा है कि हम में से कोई जब कुछ अच्छा करता है, तो वह बहुत गौरवान्वित महसूस करती हैं। प्रियंका ने मुझे कहा था कि फिल्म बनाना बिल्कुल भी आसान काम नहीं है, आपने टीजर बना दिया है तो प्लीज अब फिल्म बनाओ। दरअसल, उन्होंने इस इंडस्ट्री में ही नहीं, बल्कि इस वर्ल्ड में जिस तरह से अपनी पहचान बनाई है, वो ग्लोबल स्टार बन चुकी हैं। जब आपके परिवार में ऐसा कोई होता है तो आप उससे प्रेरित होते हैं। आप पहले उसको देखते हैं। हमेशा एक चाह थी कि मैं कुछ ऐसा करूं कि प्रियंका कहे कि मुझे तुम पर गर्व है और उन्होंने ऐसा कहा, ये मेरे लिए ये बड़ी है।

    प्रियंका ने मुझे कहा था कि फिल्म बनाना बिल्कुल भी आसान काम नहीं है, आपने टीजर बना दिया है तो प्लीज अब फिल्म बनाओ। दरअसल, उन्होंने इस इंडस्ट्री में ही नहीं, बल्कि इस वर्ल्ड में जिस तरह से अपनी पहचान बनाई है, वो ग्लोबल स्टार बन चुकी हैं। जब आपके परिवार में ऐसा कोई होता है तो आप उससे प्रेरित होते हैं।
    प्रियंका चोपड़ा से मिली प्रेरणा पर मीरा चोपड़ा

    ‘एक्टिंग में लगातार काम नहीं मिलता’

    एक इंटरव्यू में मीरा ने कहा था कि वह स्क्रीन पर वापसी के लिए लोगों के संपर्क में हैं। लेकिन अब वह बतौर फिल्ममेकर वापसी कर रही हैं। क्या शादी के बाद एक्टिंग में लौटना उनके लिए चुनौती भरा फैसला है? इस पर वह कहती हैं, ‘मेरे सामने ऐसी कोई चुनौती नहीं आई। लेकिन एक्टिंग में क्या है कि आपको दो साल काम नहीं मिला तो आप काम नहीं करोगे, फिर एकदम से एक ही साल में दो प्रोजेक्ट आ जाएं तो आप काम करोगे। दरअसल, एक्टिंग ऐसा पेशा नहीं है कि लगातार आपको काम दे ही देगा। मैं ऐसा प्रोफेशन चाहती थी कि आपका लगातार काम चलता रहे, इसलिए मैंने प्रोडक्शन का काम शुरू किया। वो मेरे कंट्रोल में है कि मुझे कब क्या बनाना है, क्या करना है। एक्टिंग में तो जब प्रोजेक्ट मिलेगा, जब आपको कुछ अच्छा लगेगा तब आप कर पाओगे। मैंने तीन साल काम करने के बाद फिर सोचा कि अब एक्टिंग में वापसी करूंगी और बहुत जल्द मैं आपको स्क्रीन पर दिखूंगी। एक्टिंग मेरा प्यार है, मैं जिंदगी में चाहे कुछ भी करूं, एक्टिंग नहीं छोड़ूंगी।’

    मैं ऐसा प्रोफेशन चाहती थी कि आपका लगातार काम चलता रहे, इसलिए मैंने प्रोडक्शन का काम शुरू किया। वो मेरे कंट्रोल में है कि मुझे कब क्या बनाना है, क्या करना है। एक्टिंग में तो जब प्रोजेक्ट मिलेगा, जब आपको कुछ अच्छा लगेगा तब आप कर पाओगे। मैंने तीन साल काम करने के बाद फिर सोचा कि अब एक्टिंग में वापसी करूंगी और बहुत जल्द मैं आपको स्क्रीन पर दिखूंगी।
    एक्टिंग छोड़ फिल्ममेकिंग चुनने पर मीरा चोपड़ा

    ‘दिल्ली के बारे में कोई बुराई करें तो सहन नहीं होता’

    मीरा दिल्ली से हैं। दिल्ली के बारे में वह किन चीजों को याद करती हैं? वह कहती हैं, ‘मैं दिल्ली आकर मोती महल का बटर चिकन जरूर खाती हूं। मेरा भाई कहीं से बिरयानी लेकर आता है। मैं मॉडल टाउन में रहती हूं तो वहां पर छोले भटूरे मुझे बहुत पसंद हैं। मुंबई में मैं इतने सालों से रह रही हूं लेकिन दिल्ली का जो खाना है, वो वहां मिलता ही नहीं है। दिल्ली का स्ट्रीट फूड कमाल का है, गोलगप्पे टेस्टी होते हैं। मैं जब भी आती हूं तो हर दिन कुछ ना कुछ ट्राई करती ही हूं। कोई अगर दिल्ली की बुराई करता है तो वो भी मुझे पसंद नहीं आता। मैं हमेशा दिल्ली के बारे में अच्छी बात सुनना चाहती हूं। (हंसते हुए) अगर मुझे मुंबई में कोई ये कहता है कि दिल्ली में बहुत प्रदूषण है तो मैं ये भी पूछती हूं कि मुंबई में कितना है?

    ‘फिल्म के गाने बनाने में समय लग गया’

    साइलेंट फिल्म के साथ बतौर प्रोड्यूसर वापसी करना और फिल्म की स्क्रीनिंग के लंबे समय बाद रिलीज करना कितनी बड़ी चुनौती थी? इस बारे में वह कहती हैं, ‘जब हमने स्क्रीनिंग की थी तो हमारा मकसद था कि इतना बड़ा स्टेप उठाने पर लोगों का रिएक्शन कैसा रहेगा, जो कि काफी अच्छा था। फिर हमने एक बड़ा बदलाव किया कि फिल्म का संगीत पांच भाषाओं में बनाएंगे, क्योंकि फिल्म में डायलॉग नहीं थे तो फिल्म को एक भाषा में रिलीज करना हमें सही नहीं लगा। इसलिए ए.आर रहमान सर ने शुरू से फिल्म का संगीत बनाना शुरू किया। हिंदी के गाने पहले से ही तैयार थे, तमिल, मलयालम, तेलुगु, मराठी के गाने बनाने शुरू किए। उसमें एक साल और लग गया। लेकिन हमारी मंशा थी कि चाहे एक-दो साल लग जाएं लेकिन जब फिल्म दर्शकों के सामने आए तो लोगों की वाहवाही मिले।

    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement

    हर महीने  ₹199 का सहयोग देकर आज़ाद हिन्द न्यूज़ को जीवंत रखें। जब हम आज़ाद हैं, तो हमारी आवाज़ भी मुक्त और बुलंद रहती है। साथी बनें और हमें आगे बढ़ने की ऊर्जा दें। सदस्यता के लिए “Support Us” बटन पर क्लिक करें।

    Support us

    ये आर्टिकल आपको कैसा लगा ? क्या आप अपनी कोई प्रतिक्रिया देना चाहेंगे ? आपका सुझाव और प्रतिक्रिया हमारे लिए महत्वपूर्ण है।