भारत-पाकिस्तान मैच को लेकर मोहसिन नकवी लगे हकलाने
पाकिस्तान सरकार द्वारा आधिकारिक घोषणा से कुछ ही देर पहले मोहसिन नकवी एक PSL कार्यक्रम में पहुंचे। वहां जब उनसे बहिष्कार और आईसीसी के साथ बातचीत पर सवाल हुए, तो उनका अंदाज थोड़ा रक्षात्मक नजर आया। मोहसिन नकवी जवाब देने में हकलाते हुए भी दिखे। जब इंटरव्यूअर ने पूछा कि क्या पाकिस्तान ने मैच खेलने के बदले अपनी कोई शर्त मनवाई है, तो नकवी का जवाब था, ‘हमने जो स्टैंड लिया था, वो बांग्लादेश के लिए था। हमने अपने लिए कुछ नहीं किया।’ कुल मिलाकर कहा जाए तो वो सवाल से बचते हुए दिखे, क्योंकि पाकिस्तान को इस विवाद में खाली हाथ लौटना पड़ा है।
ICC ने ठुकराई पाकिस्तान की तीनों मांगें
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान ने आईसीसी के सामने तीन मुख्य शर्तें रखी थीं, जिन्हें आईसीसी ने सिरे से खारिज कर दिया, भारत के साथ द्विपक्षीय सीरीज की बहाली को लेकर आईसीसी ने साफ कहा कि यह उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। इसके अलावा आईसीसी राजस्व में हिस्सेदारी बढ़ाने वाली मांग को भी नियमों का हवाला देकर टाल दिया गया। अंत में ट्रायंगुलर सीरीज का प्रस्ताव दिया गया था। इसमें भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच त्रिकोणीय सीरीज के प्रस्ताव को भी आईसीसी ने नामंजूर कर दिया।
बांग्लादेश का कंधा और पाकिस्तान ने मारा यू-टर्न
नकवी ने इंटरव्यू के दौरान जोर देकर कहा कि बांग्लादेश ने खुद पाकिस्तान से अनुरोध किया है कि वे मैच खेलें। उन्होंने कहा, ‘बांग्लादेश का मामला तय हो गया है, इसलिए उन्होंने हमसे खेलने की रिक्वेस्ट की और हमने खेल की भावना के लिए इसे मान लिया।’ हालांकि, सच यह भी है कि आईसीसी ने पाकिस्तान को चेतावनी दी थी कि अगर वे भारत के खिलाफ नहीं खेलते हैं, तो पीसीबी की सदस्यता रद्द की जा सकती है और करोड़ों डॉलर का फंड रोका जा सकता है। आईसीसी ने सोमवार देर रात जारी बयान में स्पष्ट कर दिया कि सभी सदस्य देशों को मेंबर्स पार्टिसिपेशन एग्रीमेंट का सम्मान करना होगा। आईसीसी ने पाकिस्तान को कोई विशेष रियायत नहीं दी है, बल्कि उन्हें यह समझाया गया कि वर्ल्ड कप की गरिमा और व्यापारिक हितों से समझौता नहीं किया जा सकता।













