भारत ने आज अपने एक और उस वीर सपूत को खो दिया है, जिसने कभी बॉर्डर पर रहकर अपनी जान की बाजी लगाकर देश की दुश्मनों की रक्षा की। रिटायर्ड मेजर मदन कुमार ने सोशल मीडिया एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि, पूर्व मेजर और रक्षा विशेषज्ञ मारूफ रजा का गुरुवार को 67 साल की उम्र में निधन हो गया है।
मारूफ रजा का जाना अपूरणीय क्षति
उन्होंने एक्स पर श्रद्धांजलि देते हुए लिखा कि, मेजर रजा ने एक सच्चे सैनिक की तरह अंत तक संघर्ष किया, लेकिन किस्मत को कुछ और मंजूर था। उनका निधन हो गया है। उन्होंने कहा, वह एक उत्कृष्ट अधिकारी, कई लोगों के लिए रोल मॉडल और देश से बेइंतहा प्रेम करने वाले व्यक्ति थे। मदन कुमार ने कहा, मेजर रजा का जाना अपूरणीय क्षति है। उन्होंने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए लिखा, ‘रेस्ट इन पीस। सलाम।’
मेजर मारूफ रजा कौन?
मेजर मारूफ रजा भारतीय सेना में पूर्व अधिकारी और जाने-माने रक्षा विश्लेषक रहे हैं। सेना से रिटायरमेंट के बाद उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा, सामरिक मामलों और आतंकवाद जैसे विषयों पर विशेषज्ञ के रूप में अपनी भूमिका निभाई। वे टेलीविजन डिबेट्स, समाचार चैनलों और रणनीतिक मंचों पर नियमित रूप से देश की सुरक्षा नीतियों पर अपनी राय रखते रहे। उन्हें सैन्य मामलों की गहरी समझ और स्पष्ट विश्लेषण के लिए जाना जाता है।
बता दें मेजर मारूफ रजा भारतीय सेना की ग्रेनेडियर्स रेजिमेंट का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने कई अहम मोर्चों पर काम किया है। उन्होंने कई किताबें भी लिखी हैं, साथ ही पत्रकारिता में भी उन्होंने काफी ऊंचाई हासिल की थी।












