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  • राजनीति भोग नहीं, त्याग है… बीजेपी अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नबीन ने पहले भाषण में क्या कहा?

    नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत बीजेपी के कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में मंगलवार को नितिन नबीन को औपचारिक रूप से बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया गया। बीजेपी चीफ की कमान संभालने के बाद नितिन नबीन ने पहली बार पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। अपने संबोधन में युवाओं से लेकर कार्यकर्ताओं तक कई


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    By Azad Hind Desk जनवरी 20, 2026
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    नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत बीजेपी के कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में मंगलवार को नितिन नबीन को औपचारिक रूप से बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया गया। बीजेपी चीफ की कमान संभालने के बाद नितिन नबीन ने पहली बार पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। अपने संबोधन में युवाओं से लेकर कार्यकर्ताओं तक कई बड़े संकेत दिए।

    बीजेपी के नए निर्वाचित अध्यक्ष नितिन नबीन ने अपने संबोधन की शुरुआत भारत माता की जय और बीजेपी के नारे के साथ की। उन्होंने कहा, ‘मैं आज इस अवसर पर पार्टी के पूर्व के राष्ट्रीय अध्यक्षों का स्मरण करता हूं और यहां मौजूद पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्षों का अभिवादन करता हूं। 2006 में जब मैं पहली बार विधायक बना, तब से मैं देख रहा हूं कि राजनाथ सिंह ने किस प्रकार हर कार्यकर्ता से जुड़ने का प्रयास किया। नितिन गडकरी ने संगठन के हर मोर्चे को गढ़ने का काम किया।’

    युवाओं को राजनीति में आने का आह्वान

    नितिन नबीन ने कहा वर्तमान पीढ़ी को अपने हिस्से का पुरुषार्थ, त्याग और तपस्या करनी होगी। युवाओं की बात करते हुए उन्होंने कहा, 15 अगस्त 2024 को पीएम मोदी ने युवाओं को सार्वजनिक जीवन में आने का आह्वान किया। मैं युवाओं से कहना चाहूंगा, राजनीति से दूरी समाधान नहीं,सक्रिय भागीदारी ही समाधान है। लेकिन राजनीति शॉर्टकट नहीं है, राजनीति 100 मीटर की रेस नहीं है। राजनीति लॉन्ग मैराथन है, जहां पर स्पीड का नहीं स्टैमिना का टेस्ट होगा, इसलिए जरूरी है कि राजनीति की पिच पर हम अपनी जड़ों को मजबूत करके बैटिंग करें।

    कार्यकर्ताओं के लिए क्या बोले- नितिन नबीन

    उन्होंने आगे कहा, ‘यदि आज बीजेपी विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक दल बनी है, तो इसकी वजह हमारा प्रेरणादायी नेतृत्व है, हमारी विचारधारा और कार्यकर्ताओं की मेहनत है। वो कार्यकर्ता, जो अनवरत काम करता है, जो कठिन से कठिन परिस्थिति में भी भारत का ध्वज झुकने नहीं देता है, जो सीना ठोककर कहता है, तेरा वैभव अमर रहे मां।’

    राजनीति सत्ता नहीं…

    कार्यकर्ताओं को संबोधित करते नितिन नबीन ने अपने पहले भाषण में कहा, हम ऐसे राजनीतिक दल से जुड़े हैं, जहां राजनीति सत्ता नहीं, साधना है। राजनीति भोग नहीं, त्याग है। राजनीति ऐशो-आराम नहीं, तपस्या है। राजनीति कोई पदभार नहीं, उत्तरदायित्व है।

    बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कहा, ‘अगले कुछ महीनों में तमिलनाडु, असम, बंगाल, केरल और पुडुचेरी में चुनाव होने वाला है और वहां की डेमोग्राफी की चर्चा हो रही है कि किस प्रकार वहां डेमोग्राफी बदल रही है। यह हमारे लिए चुनौती है लेकिन हम पूरी तरह आश्वस्त हैं कि भाजपा का कार्यकर्ता अपने संघर्ष और परिश्रम के बल पर इन पांचों राज्यों में सशक्त भाजपा का नेतृत्व प्रदान करेगा।

    सुर्खियों से दूर रहने वाले नवीन ने 14 दिसंबर को भाजपा का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त होने के बाद बिहार सरकार में कानून और न्याय, शहरी विकास और आवास मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था। लक्ष्मण ने चुनाव के नतीजों की घोषणा करते हुए कहा, ‘‘यह चुनाव दर्शाता है कि बीजेपी में नेतृत्व वंशवादी विशेषाधिकार से नहीं, बल्कि कड़ी मेहनत और समर्पण से उभरता है।’’

    नड्डा बोले- आज ऐतिहासिक दिन

    नड्डा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘आज का दिन बहुत ही ऐतिहासिक है, जब हमारे युवा, ऊर्जावान और प्रतिभाशाली नितिन नवीन विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में पदभार ग्रहण कर रहे हैं। मैं अपनी और करोड़ों कार्यकर्ताओं की ओर से उन्हें हार्दिक बधाई देता हूं।’’

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