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  • राजपरिवार के लिए बने सिरदर्द! कौन हैं एपस्टीन केस में फंसे ब्रिटेन के पूर्व प्रिंस एंड्रयू?

    नई दिल्ली: एपस्टीन फाइल्स केस में इंग्लैंड के किंग चार्ल्स III के छोटे भाई पूर्व प्रिंस एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर भी कटघरे में हैं। हालांकि वह पुलिस हिरासत से रिहा हो गए हैं, लेकिन उनका नाम फिर से चर्चा में आने के बाद से वह सुर्खियों में हैं और लोग उनके बारे में जानना चाहते हैं। सरकारी


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    By Azad Hind Desk फरवरी 20, 2026
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    नई दिल्ली: एपस्टीन फाइल्स केस में इंग्लैंड के किंग चार्ल्स III के छोटे भाई पूर्व प्रिंस एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर भी कटघरे में हैं। हालांकि वह पुलिस हिरासत से रिहा हो गए हैं, लेकिन उनका नाम फिर से चर्चा में आने के बाद से वह सुर्खियों में हैं और लोग उनके बारे में जानना चाहते हैं। सरकारी पद पर गलत व्यवहार के शक में गिरफ्तार हुए पूर्व प्रिंस के बारे में जानिए सबकुछ।

    ब्रिटेन की दिवंगत महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के प्रिय पुत्र रहे पूर्व राजकुमार एंड्रयू लंबे समय से ब्रिटेन के राजपरिवार के लिए सिरदर्द रहे हैं। अब फिर से एपस्टीन विवाद में उनका नाम उछल रहा हैं। उन पर यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन के साथ संबंध रखने का आरोप है।

    कौन हैं पूर्व प्रिंस एंड्रयू?

    एंड्रयू का जन्म 1960 में एक राजकुमार के रूप में हुआ था। वह महारानी और उनके पति प्रिंस फिलिप की दूसरी संतान हैं। उनके बड़े भाई चार्ल्स जहां राज सिंहासन के उत्तराधिकारी थे, वहीं एंड्रयू ने राजपरिवार के लिए सैन्य सेवा का रास्ता अपनाया। रॉयल नेवी में 22 साल बिताने के बाद एंड्रयू को 2001 में ब्रिटेन के अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निवेश मामलों का विशेष प्रतिनिधि नामित किया गया था, और वर्तमान पुलिस जांच उसी अवधि से संबंधित है।

    नौसेना में रहने के दौरान उन्होंने 1982 के फॉकलैंड युद्ध के दौरान हेलीकॉप्टर पायलट के रूप में युद्धक अभियानों में भी भाग लिया था। पूर्व राजकुमार पर किसी अपराध का आरोप नहीं लगाया गया है। उन्होंने एपस्टीन से अपने संबंधों को लेकर कोई भी गलत कृत्य करने से इनकार किया है।

    प्रिंस एंड्रयू को एपस्टीन से दोस्ती करना पड़ा भारी

    • एपस्टीन के साथ उनकी दोस्ती को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच माउंटबेटन-विंडसर को 2011 में व्यापार संबंधी भूमिका से इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ा था।
    • एपस्टीन को 2008 में एक नाबालिग को वेश्यावृत्ति में धकेलने का दोषी पाए जाने के बाद 18 महीने कैद की सजा सुनाई गई थी।
    • वर्ष 2019 में एप्स्टीन की दोबारा गिरफ्तारी के बाद, एंड्रयू ने बीबीसी के न्यूजनाइट कार्यक्रम में एक बेहद अनुचित इंटरव्यू दिया, जिसमें उन्होंने एप्स्टीन के साथ अपने संपर्कों को सही ठहराने की कोशिश की। इस पर उनकी व्यापक आलोचना हुई थी।
    • विरोध के बीच, एंड्रयू ने 20 नवंबर, 2019 को घोषणा की कि वह सार्वजनिक कर्तव्यों और धर्मार्थ भूमिकाओं को छोड़ रहे हैं।
    • अगस्त 2021 में, एपस्टीन के अपराधों की पीड़ितों में से एक वर्जीनिया गिउफ्रे ने न्यूयॉर्क की एक अदालत में एंड्रयू के खिलाफ मुकदमा दायर किया, जिसमें आरोप लगाया गया कि राजकुमार ने उसके साथ तब यौन संबंध बनाए थे जब वह नाबालिग थी।
    • एंड्रयू ने आरोपों से इनकार किया, लेकिन उन्हें सभी सैन्य संबद्धताओं और राजपरिवार के धर्मार्थ कार्यों से वंचित कर दिया गया। एंड्रयू ने पैसे देकर मामले का निपटारा कर लिया।
    • हालांकि, एंड्रयू ने अपनी गलती स्वीकार नहीं की, लेकिन उन्होंने यौन तस्करी की शिकार के रूप में गिफ्रे की पीड़ा को स्वीकार किया। गिफ्रे ने अप्रैल 2025 में 41 वर्ष की आयु में आत्महत्या कर ली।
    • कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। पिछले साल ईमेल सामने आने के बाद महाराजा चार्ल्स तृतीय ने अपने भाई से उनकी शाही उपाधि और अन्य सम्मानों के साथ-साथ विंडसर में रॉयल लॉज स्थित उनके घर को भी छीन लिया।
    • इन ईमेल से पता चला कि एंड्रयू अपने पहले के दावों से कहीं अधिक समय तक एपस्टीन के साथ संपर्क में रहे।

    (इनपुट-भाषा)

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