राष्ट्रीय जनता दल के नेता लालू प्रसाद यादव के बेटे और जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजप्रताप यादव ने X हैंडल पर पोस्ट किया। उसमें लिखा, ‘मुझे अभी मेरे बड़े भाई राव इंदरजीत यादव जी की पोस्ट के माध्यम से माननीय राजपाल यादव जी के परिवार की पीड़ा के विषय में जानकारी प्राप्त हुई। इस अत्यंत कठिन समय में मैं और मेरा पूरा JJD (जन शक्ति जनता दल) परिवार, उनके शोकाकुल परिवार के साथ पूरी संवेदना और मजबूती से खड़ा है।
राजपाल यादव को मिली तेजप्रताप यादव से मदद
तेजप्रताप यादव ने आगे लिखा, ‘मानवीय करुणा एवं सहयोग की भावना से, मैं JJD परिवार की ओर से ₹11,00,000 (ग्यारह लाख रुपये) की आर्थिक सहायता उनके परिवार को प्रदान कर रहा हूं।’ बता दें कि ये उनकी प्रति पहली मदद है, जो राजनेता की तरफ से आई है।
सोनू सूद ने राजपाल यादव की मदद के लिए कहा
इसके पहले सोनू सूद ने एक पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने लिखा था, ‘राजपाल यादव एक ऐसे एक्टर हैं, जो इंडस्ट्री में कई साल तक यादगार भूमिकाएं दी हैं। टैलेंट के कारण नहीं बल्कि समय के खराब होने की वजह से, कभी-कभी लाइफ अनफेयर हो जाती है। वह मेरी फिल्म का हिस्सा होंगे और मेरा मानना है कि यह हम सभी के लिए– प्रड्यूसर्स, डायरेक्टर्स और साथ में काम करने वालों के लिए – एकजुट होने का समय है। एक छोटा-सा साइनिंग अमाउंट, जो अभी देकर आगे भविष्य में काम के बदले एडजस्ट हो सकता है। ये चैरिटी नहीं, बल्कि सम्मान के तौर पर है। जब हमारी ही इंडस्ट्री का कोई सदस्य मुश्किल दौर से गुजर रहा हो तो इंडस्ट्री को ये याद दिलाना चाहिए कि वह अकेला नहीं है। इसी तरह हम यह साबित करते हैं कि सिर्फ इंडस्ट्री नहीं, बल्कि उससे बढ़कर हैं।’
राजपाल यादव क्यों जेल गए?
बता दें कि राजपाल यादव जिस केस में जेल गए थे, वो मामला साल 2010 का है, जब उन्होंने फिल्म ‘अता पता लापता’ का निर्देशन किया था। और इसके लिए उन्होंने ‘मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड’ से 5 करोड़ रुपये उधार लिए थे। अब फिल्म तो फ्लॉप हो गई और वह रकम लौटा नहीं पाए। जिसके बाद कंपनी ने एक्टर के खिलाफ केस कर दिया। और आरोप लगाया कि उनका दिया हुआ चेक भी बाउंस हो गया। मामला कोर्ट पहुंचा और एक्टर को कई नोटिस भी भेजे गए। रकम देने की किश्तें भी तय हुईं लेकिन वह ऐसा कर नहीं पाए। और अब कर्ज की रकम बढ़कर 9 करोड़ रुपये हो गई है।













