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  • राहुल गांधी की सदस्यता रद्द हो, आजीवन चुनाव लड़ने पर बैन लगे, BJP सांसद ने दिया सब्सटेंटिव मोशन

    नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ प्रिविलेज मोशन नहीं, सब्सटेंटिव मोशन लाया गया है। गुरुवार को यह नोटिस बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को दिया है। दुबे का कहना है कि कांग्रेस सांसद देश को गुमराह कर रहे हैं और उनके जॉर्ज सोरोस जैसे भारत-विरोधी ताकतों


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    By Azad Hind Desk फरवरी 12, 2026
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    नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ प्रिविलेज मोशन नहीं, सब्सटेंटिव मोशन लाया गया है। गुरुवार को यह नोटिस बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को दिया है। दुबे का कहना है कि कांग्रेस सांसद देश को गुमराह कर रहे हैं और उनके जॉर्ज सोरोस जैसे भारत-विरोधी ताकतों से संबंध हैं। उन्होंने राहुल की संसद सदस्यता रद्द करने और चुनाव लड़ने पर आजीवन प्रतिबंध लगाने की मांग की है।

    राहुल गांधी के खिलाफ क्या प्रस्ताव

    झारखंड के गोड्डा से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने गुरुवार को लोकसभा स्पीकर को अपना नोटिस देने के बाद कहा,’कोई प्रिविलेज मोशन नहीं है, मैंने एक सब्सटेंटिव मोशन दिया है, किसी एमपी के खिलाफ आरोप लगाते हैं…क्योंकि उनकी तरह कानून की हत्या करने वाला आदमी नहीं हूं या उनकी तरह दादागिरी से ये संविधान चलाने की बात नहीं है।’

    राहुल गांधी किस तरह के आरोप हैं

    निशिकांत दुबे ने आगे बताया, ‘मैंने एक सब्सटेंटिव मोशन दिया है। उसमें मैंने ये जिक्र किया है कि कैसे ये सोरोस फाउंडेशन के साथ, फोर्ड फाउंडेशन के साथ, यूएसऐड (USAID) के साथ मिलकर थाईलैंड जाते हैं, कंबोडिया जाते हैं, वियतनाम जाते हैं,अमेरिका जाते हैं, भारत-विरोधी ताकतों के साथ किस तरह से मिले हुए रहते हैं। इनकी सदस्यता भी रद्द हो और इनको जिंदगी भर के लिए चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित भी कर दिया जाए।’

    मोदी सरकार पर आक्रामक हैं राहुल

    दरअसल, राहुल गांधी ने बजट सत्र में मोदी सरकार के साथ संसद में संग्राम छेड़ रखा है। वह और उनकी पार्टी स्पीकर से भी उलझने में नहीं हिचकिचाए हैं। बुधवार को राहुल ने तो भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर लोकसभा में मोदी सरकार पर देश बेच देने तक का आरोप मढ़ दिया।

    सब्सटेंटिव मोशन क्या होता है

    संसदीय व्यवस्था में जनप्रतिनिधियों को कई तरह के विशेषाधिकार प्राप्त होते हैं। इसी में से एक सब्सटेंटिव मोशन भी है। यह एक स्वतंत्र और किसी खास मुद्दे के लिए दिया जाने वाला नोटिस है, जिसमें सांसदों की सदस्यता रद्द करने से लेकर राष्ट्रपति पर महाभियोग लगाने या मुख्य चुनाव आयुक्त को उनके पद से हटाने की मांग की जा सकती है। अब यह लोकसभा स्पीकर पर निर्भर है कि वह दुबे के मोशन पर क्या कार्रवाई करते हैं। स्पीकर की मंजूरी के बाद यह प्रस्ताव के रूप में सदन में लाया जा सकता है और फिर संसद तय करेगी कि उसपर आगे क्या कदम उठाए जाएं।

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